रंगो का महापर्व होली रंगों की बौछार लिए, आई फिर होली प्यारी, खुशियों की पिचकारी लेकर, आई खुशियों की सवारी। लाल, गुलाबी, नीला, पीला — हर रंग कहे ये…
चमक नहीं, सादगी जोड़ती है दिलों को आज के समय में हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में “चमक” पाने की कोशिश कर रहा है। कोई अपने कपड़ों से, कोई अपने शब्दों …
“हम इंसान हैं… हमें कोने का इंतज़ार नहीं।” कभी देखा है किसी कुत्ते को? अगर उसे बिना कारण डराया जाए, तो वह अपनी गलती जाने बिना ही डर के मारे तेज़ भाग…
अब और मत सहो! हमने सहना अपनी आदत बना लिया है। गलत बातों को अनदेखा कर देना, अपमान को चुपचाप भीतर उतार लेना, और हर बार खुद को ही समझा लेना — “छोड़ो, …
प्रगतिशील छत्तीसगढ़ प्रदर्शनी : ज्ञान, प्रेरणा और भविष्य की दिशा देने वाला शैक्षणिक भ्रमण दिनांक 21/02/2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कुरदा के व…
Social Plugin