नारी है शक्ति, नारी सम्मान नारी है शक्ति, नारी सम्मान, उससे ही जग की है पहचान। ममता की गंगा बहती है जिसमें, वो है माँ का पावन अरमान। कभी बहन बन साथ…
रंगो का महापर्व होली रंगों की बौछार लिए, आई फिर होली प्यारी, खुशियों की पिचकारी लेकर, आई खुशियों की सवारी। लाल, गुलाबी, नीला, पीला — हर रंग कहे ये…
चमक नहीं, सादगी जोड़ती है दिलों को आज के समय में हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में “चमक” पाने की कोशिश कर रहा है। कोई अपने कपड़ों से, कोई अपने शब्दों …
“हम इंसान हैं… हमें कोने का इंतज़ार नहीं।” कभी देखा है किसी कुत्ते को? अगर उसे बिना कारण डराया जाए, तो वह अपनी गलती जाने बिना ही डर के मारे तेज़ भाग…
अब और मत सहो! हमने सहना अपनी आदत बना लिया है। गलत बातों को अनदेखा कर देना, अपमान को चुपचाप भीतर उतार लेना, और हर बार खुद को ही समझा लेना — “छोड़ो, …
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