नारी है शक्ति, नारी सम्मान,

 नारी है शक्ति, नारी सम्मान

नारी है शक्ति, नारी सम्मान,

उससे ही जग की है पहचान।

ममता की गंगा बहती है जिसमें,

वो है माँ का पावन अरमान।

कभी बहन बन साथ निभाए,

कभी बेटी बन घर महकाए,

हर रिश्ते में प्रेम लुटाकर

नारी जीवन को सुंदर बनाए।

मुश्किल चाहे कितनी आए,

हिम्मत से वह राह बनाए,

अपने सपनों की उड़ान से

आसमान तक छूकर आए।

नारी से ही घर की हँसी है,

नारी से ही जग की खुशी है,

उसके बिना अधूरी दुनिया,

उससे ही जीवन में रौशनी है।

आओ आज प्रण हम करें,

नारी का सदा सम्मान करें,

उसकी शक्ति, उसकी गरिमा का

हर पल हम गुणगान करें। 

–Archana Sharma

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