नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर प्रेरणादायी आयोजन

 नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर प्रेरणादायी आयोजन

चाम्पा, 23 जनवरी को विद्यालय में महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राष्ट्रभक्त एवं अद्वितीय क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ मनाई गई। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को नेताजी के जीवन, संघर्ष, विचारों तथा देश की आज़ादी में उनके अमूल्य योगदान से अवगत कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ नेताजी सुभाष चंद्र बोस के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने बताया कि नेताजी ने अल्प आयु में ही देशसेवा को अपना ध्येय बना लिया था। उन्होंने सत्य, साहस, अनुशासन और त्याग के मार्ग पर चलकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आज़ाद हिंद फ़ौज के गठन पर आधारित विचार-प्रस्तुति रही। विद्यार्थियों को बताया गया कि किस प्रकार नेताजी ने विदेशी धरती पर रहते हुए भी भारत की स्वतंत्रता के लिए एक संगठित सेना का निर्माण किया। “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” जैसे ओजस्वी नारे ने देशवासियों के हृदय में स्वतंत्रता की ज्वाला प्रज्वलित कर दी। आज़ाद हिंद फ़ौज केवल एक सैन्य संगठन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्वाभिमान और बलिदान की जीवंत मिसाल थी।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की और अपने विचार व्यक्त किए। बच्चों ने नेताजी के साहसिक निर्णयों, निडर नेतृत्व और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेने की बात कही। विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि नेताजी का जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची आज़ादी त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से प्राप्त होती है।

श्रीमती रजिया अंजुम शेख के स्नेहिल, कुशल एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय और सफल रहा। उनके मार्गदर्शन ने पूरे आयोजन को एक स्पष्ट दिशा और भावनात्मक गहराई प्रदान की। इस पावन अवसर पर शाला परिवार के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ तथा विद्यालय के सभी विद्यार्थी पूर्ण अनुशासन, उत्साह और श्रद्धा भाव के साथ उपस्थित रहे। सभी की सामूहिक सहभागिता ने कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने यह संकल्प लिया कि वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों—देशप्रेम, साहस, अनुशासन और कर्तव्यबोध—को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे तथा एक जागरूक, जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे।

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