विद्यालय में विभिन्न नवाचार के माध्यम से बच्चों के मूलभूत दक्षता में सुधार लाने वाले शिक्षक हेमन्त कुमार श्रीवास

विद्यालय में विभिन्न नवाचार के माध्यम से बच्चों के मूलभूत दक्षता में सुधार लाने वाले शिक्षक हेमन्त कुमार श्रीवास

नाम - हेमन्त कुमार श्रीवास

पद - सहायक शिक्षक

स्कूल - शासकीय प्राथमिक शाला मड़कडी

संकुल - परसाडीह

विकासखंड - बिलाईगढ़

जिला - सारंगढ़ बिलाईगढ़

योग्यता - एम. ए. संस्कृत, हिन्दी, राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, बी. एड.,ब्रिज कोर्स, बी. लिब

मोबाईल नंबर - 9977829910

मूल निवास - नगर पंचायत पवनी 

शिक्षक द्वारा किये गये कार्य निम्न प्रकार से है।

शिक्षक राष्ट्र निर्माता व मार्गदर्शन के रूप में होता है प्राथमिक स्तर के छात्रों की नींव को मजबूत व बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए के लिए प्राथमिक शिक्षक का महत्वपूर्ण भूमिका होती है शासकीय प्राथमिक शाला मड़कड़ी के शिक्षक हेमंत कुमार श्रीवास के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार गतिविधियों से शिक्षा प्रदान  किया जा रहा है। आज हेमन्त कुमार श्रीवास को  बिलाईगढ़ ब्लाक में कौन नहीं जानता गांव में पालक और शाला विकास समिति और सभी लोगों के द्वारा बिलाईगढ़ ब्लॉक में प्रशंसा किया जा रहा है।

हेमंत कुमार श्रीवास जी के द्वारा नवाचार के क्षेत्र में विभिन्न गतिविधि इस प्रकार से है।

(1) टी एल एम द्वारा बच्चों को शिक्षा प्रदान करना- शिक्षक निर्माता मार्गदर्शन के रूप में होता है प्राथमिक शिक्षा के छात्रों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए TLM का महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि छात्र TLM  के माध्यम से अधिक सीखते हैं, हेमंत कुमार श्रीवास के द्वारा आज 200 से अधिक TLM का निर्माण स्वयं के पैसे किया है ताकि बच्चे अधिक से अधिक सीख सके आज हेमंत कुमार श्रीवास बिलाईगढ़ ब्लॉक में टी एल एम स्पेशलिस्ट के रूप में जाना जाता है आज हेमन्त श्रीवास ब्लॉक से लेकर जिला स्तर पर TLM में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। इस क्षेत्र में उनको बहुत सारा पुरस्कार प्राप्त हुआ है। विभिन्न प्रकार के TLM में जैसे पाकेट TLM, चक्रीय TLM, HD TLM, 60 प्रकार के मुखौटा विभिन्न प्रकार के प्राथमिक स्तर का TLM का निर्माण किया गया है, जिसका उपयोग बच्चों को सीखने- सीखाने के लिए नियमित इसका उपयोग किया जाता है।

(2)  लाजवाब प्रिंट रिच - आज हेमंत कुमार श्रीवास व शिक्षकों के द्वारा अपने स्कूल में विभिन्न प्रकार के प्रिंट रिच बनाया है ,स्कूल इस प्रकार से  वातावरण तैयार किया है जिससे बच्चे खुद ब खुद देखकर सीखते हैं। कक्षा को इस प्रकार से प्रिंट रिच निर्माण किया गया है कि देखने के लिए ब्लॉक के विभिन्न स्कूलों से शिक्षक- शिक्षिका आते हैं।

(3) खेल-खेल में शिक्षा - हेमंत कुमार श्रीवास हर बार नवाचार करके नए-नए तरीकों से बच्चों को पढ़ाते हैं व समझाते हैं कि बच्चे खेल खेल में ही सीख जाते हैं। विभिन्न प्रकार नवाचार व खेल के माध्यम से शिक्षा प्रदान करते हैं आज हेमंत कुमार श्रीवास के स्कूल में विभिन्न प्रकार के खिलौने हैं जिससे बच्चे स्वयं से खेल कर सीखते हैं, इस प्रकार बहुत से टॉपिक को खेल-खेल व नवाचार से सीखाते हैं।

(4) पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधि-  प्रत्येक शनिवार को बच्चों को बस्ताविहीन होने के कारण विभिन्न प्रकार की चीजें सिखाया जाता है जैसे नृत्य , चित्रकला,  कागज से खिलौने, रंगोली बनाना , मेहंदी लगाना,मिट्टी के खिलौने, विभिन्न नवाचार गतिविधि से कई प्रकार के खेल और खिलौनों से बच्चों को शिक्षा प्रदान किया जाता है।

(5)  मुहल्ला क्लास का आयोजन - कोरोना के समय स्कूल बंद हो गया था तब ऑनलाइन क्लास संभव नहीं था क्योंकि लोगों के पास मोबाईल की कमी होने के कारण खुद की हिम्मत व लोगों की सहयोग से गांव के चौक-चौराहे में मोहल्ला क्लास शुरू किया गया जिससे बच्चे शिक्षा से जुड़े रहें। जिससे बच्चे का स्तर आज अच्छी स्थिति में हैं।

(6) विभिन्न प्रकार के योजना का संचालन - हेमंत श्रीवास के द्वारा अपने स्कूल में मुस्कान पुस्तकालय, रूम टू रीड, अंगना म शिक्षा, गर्मी के समय समर कैंप, छलांग कार्यक्रम, जादुई पिटारा एवं विभिन्न प्रकार के शासन के  योजनाओं को सुचारू रूप से निर्माण किया गया है जो देखने लायक है।

(7) प्रत्येक शनिवार को गांव के बुजुर्गों को बुलाना - शनिवार को बस्ताविहीन होने के कारण गाँव के बुजुर्गों को बुलाकर बच्चों के मध्य स्थानीय भाषा में कहानी व अपना अनुभव साझा करते हैं जिससे बच्चे विभिन्न प्रकार की चीजों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं ,शनिवार को बैगलेस डे होने के कारण बच्चे उत्साहित रहते हैं की आज गांव के बुजुर्ग के द्वारा विभिन्न प्रकार के अलग-अलग कहानी सुनने को मिलता है।

(8) शाला विकास समिति के द्वारा स्कूल में निरीक्षण पर जोर देना- हेमन्त कुमार श्रीवास के द्वारा शाला प्रबंधन एवं विकास समिति पर जोर देना ताकि स्कूल के लिए विभिन्न प्रकार की योजना का निर्माण कर योजना के अनुरूप स्कूल के विकास के लिए और नियमित निरीक्षण करने के लिए जोर दिया जाता है ताकि स्कूल की सभी गतिविधियाँ सुचारू रूप से संचालित हो सके।

(9) सक्रिय माताओं का कक्षा का निरीक्षण -अंगना में शिक्षा के तहत जो स्मार्ट माताएं हैं उनके द्वारा स्कूल का नियमित निरीक्षण पर जोर देना और अपने बच्चों को पढ़ते हुए देख सके ताकि इसका आकलन स्वंय कर सके, सक्रिय माता के द्वारा मध्याह्न भोजन का भी निरीक्षण पर जोर  देना ताकि उसके बच्चों को स्वादिष्ट भोजन मीनू के अनुसार मिल सके ।

(10) बच्चों के उत्साह वर्धन हेतु पुरस्कृत करना - हेमंत कुमार श्रीवास के द्वारा अपने स्कूल में बच्चों के उत्साह वर्धन के लिए में मेंमोटो, पेन,कलम,पहाड़ा, डायरी आदि से बच्चों को पुरस्कृत करते रहते हैं ताकि उसका उत्साहवर्धन होता रहे एवं बच्चे नियमित स्कूल आता रहें।

(11) खिलौना संग्रहालय का निर्माण - जादुई पिटारा के अंतर्गत हेमन्त श्रीवास के द्वारा अपने स्कूल में खिलौना संग्रहालय का निर्माण किया गया हैं जिसे जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा 19 जनवरी 2023 को उद्घाटन किया गया हैं , संभवतः यह सारंगढ़ बिलाईगढ़ में इस प्रकार का पहला संग्रहालय हैं जो देखने लायक हैं,  इस संग्रहालय में विभिन्न प्रकार के खिलौना रखा गया है , इसको देखने के लिए आसपास के शिक्षक व बच्चे देखने आते हैं ।

(12) अंध विश्वास को दूर करना - हेमंत कुमार श्रीवास एक जादूगर भी है जो सर के द्वारा विभिन्न स्कूलों में जाकर जादू भी दिखाते हैं और किसी भी प्रकार से कोई भी स्कूल से जादू दिखाने की एवज में पैसा नहीं लेते हैं, ताकि बच्चे जादू से मनोरंजन हो सके और जिससे बच्चे अंधविश्वास दूर हो सके  और मजे से जादू का आनंद मिल सके।

(13) दर्ज संख्या में लगातार वृद्धि-आज के समय मे शासकीय स्कूल में दर्ज संख्या में लगातार गिरावट हो रहा है ,लेकिन शासकीय प्राथमिक शाला मड़कडी में दर्ज संख्या में लगातार वृद्धि हुआ है ,क्योकि हेमन्त श्रीवास के द्वारा गाँव के मुख्य चौक में बहुत बड़ा फ्लेक्सी और पम्पलेट जगह जगह चिपकाया गया है जिसमे सरकारी स्कूल की उपलब्धि का विशेष वर्णन किया गया जिससे आकर्षित होकर पालक अपने बच्चों को यहा भर्ती कर रहे है।

(14) उपलब्धि - आज हेमंत कुमार श्रीवास जादुई पिटारा खिलौना आधारित का मास्टर ट्रेनर व ब्लॉक नोडल अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं,व SRG के रूप जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में कार्य कर रहे हैं। हेमन्त कुमार श्रीवास का MOR SCHOOL यूट्यूब चैनल है जिसमें 600 से अधिक नवाचारी गतिविधि का वीडियो अपलोड हैं हेमंत कुमार श्रीवास आज नवाचारी शिक्षक के रूप में जाना जाता है एवं शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न पुरस्कार से सम्मानित हैं।

(15) हेमन्त कुमार श्रीवास सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सारंगढ बिलाईगढ़  छत्तीसगढ़ से शामिल हुए है। यह एनईपी 2020 के अनुरूप " शिक्षा में पुतलीकला की भूमिका" विषय पर सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र, नई दिल्ली द्वारा दिनांक 10 से 24 सितम्बर, 2025 तक कार्यशाला का आयोजन किया गया हैं। जिसमे भारत के 11 विभिन्न राज्यों/संघ शासित राज्यों से कुल 68 प्रतिभागी भाग लिए थे।

( हेमन्त कुमार श्रीवास का  राज्यपाल पुरुस्कार 2025 के लिए चयन)

प्राप्त सम्मान इस प्रकार से है--

1. मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण

2. उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

3. शिक्षा दूत सम्मान

4.  विकासखंड स्तरीय TLM प्रथम पुरस्कार

5. जिला स्तरीय TLM में प्रथम पुरुस्कार

6. शिक्षा संकल्प

7. उत्कृष्ट प्रस्तुति सम्मान 2023

8. उत्कृष्ट प्रदर्शनी सम्मान 2023

9. हर घर तिरंगा सम्मान

10. पर्यावरण सम्मान

11. शिक्षक प्रतिभा सम्मान

12. शिक्षक सृजन गौरव अलंकरण 

13. युवा रत्न सम्मान

14. राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान

15. राष्ट्रीय शिक्षक सेवारत्न सम्मान

16. समर कैंप सम्मान 

17. SRG मास्टर ट्रेनर सम्मान 

18.  रक्त मित्र सम्मान

आदि कई प्रकार के सम्मान से सम्मानित हुआ

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