आज के ही दिन चली थी विश्व की पहली बस/GENERAL KNOWLEDGE -126

 आज के ही दिन चली थी विश्व की पहली बस



आज हम यात्रा करने के लिए बसों को सबसे सुविधाजनक सस्ता और लोकप्रिय साधन मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं पहली बस का संचालन 20 सितंबर यानी आज ही के दिन सन 1831 से ही शुरू हुआ था। ये बस पेट्रोल या डीजल से नहीं बल्कि भाप इंजन (first steam engine bus) से चला करती थी । पहिली बार ये बस ब्रिटेन के ब्रॉन्ज गर्डन से चलाई गई थी जिसमे मात्र 30 लोग सवार थे।  भाप से चलने वाली इस बस की औसतन स्पीड 19 किलोमीटर/घंटा (लम्बी दुरी के लिए) दर्ज की गई थी। वहीं इस बस का किराया घोड़ों से खींचने वाली बग्घी की तुलना में एक तिहाई था।  इस बस को बनाने का श्रेय सर गोल्ड्सवर्थी गुरनी ( Sir Goldworthy Gurney) के सहयोगियों और वाल्टर हैनकॉक (Walter Hancock) सहित अन्य लोगों को दिया जाता है. बता दें वाल्टर हैनकॉक विक्टोरियन काल के एक अंग्रेज आविष्कारक जिन्हे मुख्य भाप से चलने वाले सड़क वाहनों के लिए याद किया जाता है ।

आज के समय में दुनिया में कई प्रकार की अलग-अलग मॉडल में बस चलती है जिसमें से बहुत से पास की अलग-अलग उपयोग में किया जाता है तो आइए हम बस के इस्तेमाल के बारे में जानते हैं कि कौन-कौन से इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

बस का सर्वप्रथम इस्तेमाल फ्रेंच मे किया गया और वह उस समय यह बस घोडो की सहायता से चलाई जाती थी। बस के उपयोग से यातायात की सुविधा बहुत ही आसान हो गई है एक जगह से दूसरी जगह आसानी से जा सकते हैं। घोड़े से चलने वाली बस के बाद भाप से चलने वाली बस का अविष्कार किया गया।

बस की सहायता से बहुत से विद्यार्थी अपने क्लास को कभी मिस नहीं करते और टाइम पर आसानी से पहुंच जाते हैं।बस से सर्वाधिक लंबी दूरी तय कर सकते हैं।

बस की मदत से ट्रांसपोर्ट काफी आसान हो जाता है बस की सहायता से सामान को इधर उधर आसानी से ले जा सकते।

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