18. हटरी
मौखिक प्रश्न
प्रश्न 1. गाँव में लोग आवश्यकता की वस्तुएँ कहाँ से खरीदकर लाते हैं ?
उत्तर — गाँव में लोग आवश्यकता की वस्तुएँ साप्ताहिक हाट ( हटरी ) बाजार से लाते हैं ।
प्रश्न 2. हटरी में मनिहारी की दुकान में कौन - सी वस्तुएँ मिलती हैं ?
उत्तर – मनिहारी की दुकान में बिन्दी , कंघी , आइना , क्रीम , पाउडर , चूड़ी तथा महिलाओं की अन्य सभी सौन्दर्य प्रसाधन सामग्री मिलती है ।
लिखित प्रश्न
प्रश्न 1. हटरी में कौन - कौन सी दुकानें लगती हैं ?
उत्तर – हटरी में फल , सब्जी , मिठाई , बर्तन , कपड़ा , खिलौना , अनाज , खेती के सामान आदि की दुकानें लगती है।
प्रश्न 2. हटरी में कौन - से फल और सब्जियों को बिकते देखा है ?
उत्तर – हटरी में उन फल व सब्जियों को बिकते देखा है जो हमारे गाँव में नहीं होते हैं जैसे- अंगूर , संतरा , सेव , आदिफल , शिमला मिर्च , गाजर आदि सब्जी ।
प्रश्न 3. हटरी से क्या फायदे हैं ?
उत्तर – हटरी से कई फायदे हैं । गाँव के लोगों को आवश्यकता की वस्तुएँ गाँव में ही मिल जाती हैं तथा आस - पास के गाँवों के लोगों से मिलना - जुलना हो जाता है । हटरी में गाँव के लोगों के वे सभी चीजें मिल जाती हैं जो गाँव में नहीं बनतीं या पैदा नहीं होतीं ।
खोजो और करो
प्रश्न 1. हटरी में दुकानदार सामग्रियाँ कहाँ से लाते है ? पता करो।
उत्तर- हटरी में दुकानदार सामग्रियाँ आस - पास के गाँवो से तथा शहरों के थोक व्यापारियों से लाते हैं ।
प्रश्न 2. जब खूब बरसात होती है तो हटरी लगाने में क्या दिक्कतें आती हैं ? अपने यहाँ के लोगों से पूछो ।
उत्तर- जब खूब बरसात होती है तो हटरी लगाने वालों की दुकानों के नीचे पानी भर जाता है तथा उन्हें छाया के लिए टेन्ट लगाना पड़ता है । कभी - कभी तो बारिश इतनी होती है कि दिनभर दुकानदार खाली बैठे रहते हैं । बारिश के कारण उन्हें सामान लाने व ले जाने में भी बहुत दिक्कत होती है ।
प्रश्न 3. जिस तरह से साप्ताहिक हटरी लगती है , क्या तुम्हारे गाँव में सालाना मड़ई भी लगती है ? उसमें क्या - क्या होता है ? पता करो ।
उत्तर – नहीं हमारे गाँव में सालाना मड़ई नहीं लगती , लेकिन मेरे मामा के यहाँ ( बस्तर में ) सालाना मड़ई मेला लगता है जो मैंने देखा है । यह मेला दीपावली के बाद लगता है । इसमें मेला स्थल के आस - पास के ग्रामवासी अपने देवी - देवता के साथ आते हैं । इस अवसर पर काफी संख्या में दुकानें लगती हैं । धार्मिक आयोजन भी होते हैं । मड़ई मेले में रात्रि को नृत्य भी किया जाता है ।


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