एक किसान बेटा क्षेत्र में फैला रहा है "शिक्षा का दीप"
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| शिक्षक टिकेश्वर पटेल |
छत्तीसगढ़, रायगढ़। हम बात कर रहे हैं एक ऐसे शिक्षक की, जिसकी स्मार्ट सोच से, जिसकी मेहनत एवम् लगन से, क्षेत्र की बच्चो की बदल रही है तस्वीर। सरकारी स्कूल का नाम लेते ही लोगों के जेहन में वही पुराना भवन घिसा- पिटा ब्लैक बोर्ड, गंदा शौचालय वह पीने के पानी के लिए नल या घर से बोतल में पानी ले जाने की परंपरा याद आ रही है, लेकिन इस तस्वीर के उलट एक नजारा रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड के एक सरकारी स्कूलों में देखने को मिला रहा है, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर अब निजी स्कूलों की प्रबंधकों का मुंह चिढ़ाने लगा है।
हम बात कर रहे हैं घरघोड़ा विकासखंड से महज 15 किलोमीटर दूर ग्राम भेंगारी के श्री भूपदेव सिंह पटेल के पुत्र शासकीय प्राथमिक शाला- चारमार में यहां पदस्थ शिक्षक "टिकेश्वर पटेल" की दृढ़ इच्छाशक्ति ने स्कूलों का कायाकल्प कर दिया है, पहले बच्चे टाट पट्टी पर बैठते थे, पानी पीने के लिए घर से ही बॉटल लाना पढ़ता था, पुराने खराब काले ब्लैकबोर्ड ऐसे थे, जहां चार अक्षर लिखने पर नहीं दिखते थे।अब जहां वाइट/ ग्रीन बोर्ड लगने से पढ़ाई आसान हो गई! स्कूल की बुरी हालत देखकर पटेल ने स्वयं के वेतन से कुछ रुपए लगाया एवं कुछ जनसहयोग का रास्ता अपनाया, नतीजा यह हुआ कि अब बच्चे खूबसूरत दीवारों वाली स्कूल में प्रिंट रिच वातावरण पा रहे हैं, अब यहां शौचालय साफ सुथरा है। बच्चों को पीने का पानी के लिए ट्यूबवेल लगा दिया गया है।
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जाना जाता है यह स्कूल
अपने खर्च पर के बच्चों को दिला रहे शिक्षा टिकेश्वर पटेल ने बताया कि अपने गृह ग्राम भेंगारी के आश्रित ग्राम चारमार में आबादी लगभग 700 के करीब है। हमारा क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां अधिकतर माता- पिता अशिक्षित होने के कारण बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि नहीं लेते थे! लेकिन पटेल के अथक प्रयास ने पालको के विचार में इस तरह की शिक्षा के प्रति रुचि जागृत कर दी कि बच्चे घर में रहना नहीं चाहते हैं। स्वयं से स्कूल आ जाते हैं। यहां अधिकतर बच्चे धनवार, लोहार एवं मांझी जहां शिक्षा तो दूर स्कूल लाना बहुत मुश्किल होता था ,अब ऐसे बच्चे भी शत-प्रतिशत स्कूल आकर के प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो कर स्कूल जिले एवं विकासखंड का नाम रोशन कर रहे हैं। नतीजतन यह है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय, एकलव्य स्कूल एवं उत्कर्ष जैसे कि परीक्षाओं के लिए प्रतिवर्ष ₹20000 खर्च कर देते हैं।
बाइक से बच्चों को घर से स्कूल लाते एवं घर तक छोड़ते हैं तथा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी
सीमित संसाधनों एवं चुनौतियों के बीच बीहड़ वनांचल क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगा पाना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन इस शिक्षक ने अपनी मेहनत व लगन से वनांचल क्षेत्र में शिक्षकों के बीच एक अलग ही पहचान बना ली है। वर्तमान में इसके पदस्थ साला चारमार में 82 बच्चे अध्ययनरत है। जिसमें अधिकांश बच्चे मांझी, धनवार,लोहार हैं जिसमें अधिकतर बच्चों को प्रतिदिन घर लेने जाना पड़ता था लेकिन शिक्षक के अथक प्रयास से माता-पिता को कई बार शैक्षिक महत्व बताते हुए बैठक कर बच्चों को स्कूल तक लाने का प्रयास ही नहीं वरन छुट्टी होने के बाद गांव के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार कर रहे है। इसके पढ़ाए बच्चे आज भी हर गांव से निकलकर डीपीएस, जवाहर नवोदय, एकलव्य, जवाहर उत्कर्ष एवं सैनिक स्कूल में बेहतर तालीम हासिल कर रहे हैं।
मुफ्त में कोचिंग देकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में कराते हैं चयन
आइए मिलते हैं नवोदयन गुरु आनंद कुमार माने जाने वाले टिकेश्वर पटेल से। जिस तरह "सुपर 30" के जरिए आनंद कुमार गरीब और जरूरतमंद छात्रों को ईंजीनियर बनाने में मदद करते हैं। इसी तरह रायगढ़ जिले के टिकेश्वर पटेल ने गरीब तथा होनहार जरूरतमंद छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा जैसे नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, एकलव्य स्कूल, जवाहर उत्कर्ष प्रवेश परीक्षा में चयन कराने से कोई कसर नहीं छोड़ते। पिछले 10 वर्षों में 60 छात्रों को नवोदय में 21 छात्रों को एकलव्य स्कूल में चयन, 4 छात्रों का सैनिक स्कूल में चयन एवं 5 छात्रों को जवाहर उत्कर्ष में चयन हो चुका हैं।
प्रतिभावान बच्चों का प्रारंभिक टेस्ट लेकर देते हैं प्रवेश
शिक्षक पटेल पिछले 10 वर्षों से गरीब होनहार बच्चों का टेस्ट लेकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते और साथ में उन्हें उनके आर्थिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को देखकर जरूरतमंद उपलब्ध सुविधाएं भी देते हैं। इस प्रकार उसकी मेहनत रंग लाई और गरीबी एवं कोरोना को हराकर एकलव्य में टॉप टेन में 8 छात्रों का चयन एवं जवाहर उत्कर्ष के 10 सीट में 3 छात्रों का चयन इस वर्ष हुआ है।
एकलव्य विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2020 -21 में टॉप टेन में 8 में से 8 छात्रों को मिला स्थान
आदर्श आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2020-21 में एकलव्य विद्यालय छोटेमुड़पार, एकलव्य विद्यालय बायसी एवं एकलव्य विद्यालय छर्राटांगर के लिए लगभग 400 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा मैं सम्मिलित हुए थे जिसमें रायगढ़ जिले के घरघोड़ा विकासखंड की एक ही सरकारी स्कूल चारमार से 8 छात्र/छात्राओं
1. शीतल रानी भगत/ सिया राम भगत
2.निवेदिता भगत/गणेश राम भगत
3. हरिप्रभा भगत /शंकर लाल
4.आलोक धनवार/अंजू कुमार,
5.आलोक राठिया/लाभों राम राठिया
6.हिमांशू राठिया भागीरथी राठिया
7. ललित धनवार/राधेश्याम
8. जानकी धनवार/लेखराम धनवार
ने परीक्षा दिया था। जिसमे सभी छात्र-छात्राओं ने रायगढ़ जिले में टॉप किया।इस प्रकार पूरे जिले के शिक्षक समुदाय ने शिक्षक पटेल को शुभकामनाएं देकर चयनित बच्चो के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कोरोना काल की सबसे बड़ी उपलब्धि
3 छात्र पर पढ़ सकेंगे राज्य के चुनिंदा स्कूलों हम बात कर रहे हैं प्राथमिक शाला चार मार की जिसमें जवाहर उत्कर्ष प्रवेश परीक्षा में तीन होनहार गरीब छात्रों का चयन हुआ है जिसमें से शीतल रानी भगत, निवेदिता भगत एवं आलोक राठिया यह तीनों छात्र शिक्षक टिकेश्वर पटेल की अटूट मेहनत से एवं 10 सीटों में से 3 सीट पर शासकीय प्राथमिक शाला चारमार के बच्चों ने अपनी मेहनत से सफलता प्राप्त की है। जो कि स्कूल में काल की सबसे बड़ी उपलब्धि है की यह होनहार छात्र अब राजकुमार कॉलेज कांगेर वैली एवं संस्कार पब्लिक स्कूल जैसे चुनिंदा स्कूलों में प्रवेश ले सकेंगे।
शिक्षक पटेल की कड़ी मेहनत से 14 बच्चों को हुआ नवोदय में चयन
इरादे नेक हो जज्बा कुछ कर लेने का हो बाद बच्चों की हो, बात शिक्षा की हो बस समर्पित भाव की हो, अपने कर्तव्य क्षेत्र में तो,,,,, एक मिसाल बनना तय होता है, कोई मंजिल की चाह नहीं बस रास्ते सही हो।
वर्तमान समय में कोरोना वैश्विक महामारी की वजह से जब समस्त शिक्षण संस्थान बंद हुए। कब तक रहेंगे भी तय नहीं था, भय के साथ चिंता भी बच्चों की पढ़ाई की, व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से उन्हें पढ़ाई संबंधित जानकारी भेजते रहना। उनके द्वारा मौखिक चर्चा करना जारी रहा। पढ़ई तुहर दुआर" योजना के तहत ऑनलाइन क्लास लेना शुरू किया एवं "पढ़ई तुहर पारा" से अधिकांश बच्चे पढ़ाई से जुड़ते चले गए, बच्चे तो बच्चे होते हैं। उन्हें कुछ नया अच्छा लगता है, इसी क्रम को एक नई शुरुआत हुई।
1. अभिनव जायसवाल /दीनबंधु जायसवाल
2.सक्षम गुप्ता/राजीव गुप्ता
3.आलोक धनवार/अंजू कुमार
4. निलोम साहू/लव साहू
5.आलोक राठिया/लाभोराम राठिया
6. आकृति सिदार/टेकराज सिदार
7. निवेदिता भगत/गणेश राम भगत
8. शीतल रानी भगत/सियाराम भगत
9. मन्नत पटेल/नरेंद्र पटेल
10. कपिल देव राठिया/सुखदेव राठिया
11. आयुष पटेल/परमानंद पटेल
12.ओंकार भार्गव/यादराम
13. सतीश साहू/ दीनबंधु साहू
14. अंकित नायक/भुवन लाल नायक
उपरोक्त छात्रों का चयन इस साल नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है जो क्षेत्र के लिए बहुत बड़े गौरव की बात है।


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