बादल अपने परिवार की सबसे बड़ी सन्तान था।उनका परिवार सुखी जीवन व्यतीत कर रहा था, लेकिन दुर्भाग्यवश दुर्घटना के कारण उसके पिता का स्वर्गवास हो गया।बादल की मां का स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण छोटे भाई-बहन की देखभाल उसे करना पड़ता था।
बादल को भाई-बहन की देखभाल करने के कारण स्कूल जाना बन्द हो गया। लेकिन वह अपने भाई साहिल व बहन मेघा को प्रतिदिन स्कूल जाने से नहीं रोकता हमेशा उनका हौसला बढ़ाता।
पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए बादल कठिन परिश्रम करता और मां की सेवा करता।साहिल की रुचि खेलकूद में बहुत थी,बादल उसे सुबह उठाकर खेल का अभ्यास करवाता मेघा को गृहकार्य करवाता।
साहिल खेलकूद में होशियार था लगातार अभ्यास के कारण उसका चयन राष्ट्रीय टीम में हो गया।
बादल ने अपने भाई को गले से लगाकर कहा आज हमने अपने माता-पिता का सपना पूरा कर दिया।भाई हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना अपने लक्ष्य से कभी भी विचलित नहीं होना दोनों भाईयों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
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श्रीमती सविता बरई शिक्षक एल.बी.
विकासखंड-सीतापुर जिला-सरगुजा राज्य-छत्तीसगढ़



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