वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस का आयोजन: बच्चों ने अंधविश्वास के विरुद्ध उठाई आवाज

वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस का आयोजन: बच्चों ने अंधविश्वास के विरुद्ध उठाई आवाज

कुरदा, 20 अगस्त 2026। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कुरदा में दिनांक 20 अगस्त 2026 को वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तर्कशीलता और जिज्ञासु प्रवृत्ति का विकास करना तथा समाज में फैले अंधविश्वासों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न रोचक एवं सरल प्रयोग करके दिखाए गए। इन प्रयोगों के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि हमारे आसपास होने वाली अनेक घटनाओं के पीछे वैज्ञानिक कारण होते हैं। विद्यार्थियों ने प्रयोगों को उत्सुकता के साथ देखा और उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने का प्रयास किया। इस प्रकार की गतिविधियों ने बच्चों में सीखने के प्रति रुचि और वैज्ञानिक विषयों के प्रति जिज्ञासा को बढ़ाया।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण विषय समाज में फैली कुरीतियों और अंधविश्वासों पर चर्चा था। बच्चों ने तंत्र-मंत्र, जादू-टोना और अन्य अंधविश्वासों जैसे विषयों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने कहा कि किसी भी घटना या समस्या को बिना सोचे-समझे अंधविश्वास से जोड़ने के बजाय उसके वास्तविक कारणों को समझने और तर्क एवं वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर विचार करने की आवश्यकता है। बच्चों की इस खुली चर्चा ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावशाली और प्रेरणादायक बनाया।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण केवल विज्ञान की पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को समझने और समस्याओं का समाधान खोजने का एक सकारात्मक तरीका है। प्रश्न पूछना, किसी बात को तर्क की कसौटी पर परखना, प्रमाणों के आधार पर निष्कर्ष निकालना तथा नई जानकारी को स्वीकार करने के लिए तैयार रहना वैज्ञानिक दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास विकसित होता है और वे समाज में व्याप्त गलत धारणाओं के प्रति जागरूक बनते हैं।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रजिया अंजुम शेख (व्याख्याता रसायन) द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक सोच को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चे समाज के भविष्य हैं और यदि उनमें बचपन से ही तर्कशीलता, जिज्ञासा तथा सही-गलत को समझने की क्षमता विकसित की जाए तो वे एक जागरूक और प्रगतिशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए, प्रश्न पूछे और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विज्ञान के प्रयोगों और संवादात्मक चर्चा के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक सोच के द्वारा ही समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोचने और समझने की नई दिशा देने वाला अनुभव सिद्ध हुआ। विद्यालय द्वारा किए गए इस प्रयास ने बच्चों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करने के साथ-साथ एक जागरूक, तर्कशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी दी। ऐसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन निश्चित रूप से विद्यालय से लेकर समाज तक सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगा।

Post a Comment

0 Comments