ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र0.4- रंग-बिरंगे धागों में देशप्रेम का संदेश
रक्षाबंधन प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों ने हमारे वीर सैनिक भाइयों के लिए सुंदर राखियाँ तैयार कीं। इन राखियों को बनाने में बच्चों ने रंग-बिरंगे धागों और मोतियों का प्रयोग किया। उनके लिए यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की सीमाओं पर दिन-रात हमारी सुरक्षा में तैनात वीर जवानों के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने का एक माध्यम था।
हमारा भारत विविधताओं से भरा देश है। यहाँ अलग-अलग जाति, धर्म, भाषा और संस्कृति के लोग रहते हैं, फिर भी हम सभी एकता के सूत्र में बंधे हैं। बच्चों द्वारा बनाई गई इन राखियों में भी इसी “अनेकता में एकता” की भावना दिखाई दी। अलग-अलग रंगों के धागे और मोती मिलकर जिस तरह एक सुंदर राखी का रूप लेते हैं, उसी तरह हमारी विविधताएँ मिलकर भारत की सुंदर पहचान बनाती हैं।
बच्चों ने अपनी भावनाओं के माध्यम से यह संदेश दिया कि जो भाई भारत माता की सेवा में अपने घर-परिवार से दूर, सीमा पर दिन-रात पहरा दे रहे हैं और हमारी सुरक्षित जिंदगी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर रहे हैं, उनके प्रति हमारा भी कुछ दायित्व है। उनके हाथों पर प्रेम से बाँधी गई राखी के साथ हम यही भाव भेजना चाहते हैं—“आप भारत माता की सेवा में निडर होकर डटे रहिए, हम और हमारा परिवार आपकी सुरक्षा और कुशलता के लिए सदैव ईश्वर से प्रार्थना करेंगे।”
इन नन्हे हाथों से बनी राखियों में रंग तो अनेक थे, लेकिन भावना एक थी—देशप्रेम, सम्मान और अपने वीर भाइयों के प्रति अटूट स्नेह। यही इस गतिविधि की सबसे बड़ी सार्थकता रही।


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