मेरी पुस्तक “हौसलों की उड़ान” को छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री गुरु खुशवंत सिंह साहेब जी को भेंट स्वरूप प्रदान किया गया

 मेरे द्वारा लिखित प्रेरणादायी पुस्तक “हौसलों की उड़ान” केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और मानवीय संवेदनाओं की जीवंत अभिव्यक्ति है। इस पुस्तक में  सात अस्थिबाधित एवं दृष्टिबाधित दिव्यांगजन व्यक्तित्यों की वास्तविक जीवन गाथाओं को संवेदनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने हौसलों से जीवन को नई दिशा दी।


इन प्रेरक कहानियों में  “ मेरे उभरते सितारे” संस्था की संचालिका सुश्री छाया डडसेना जी की संघर्षपूर्ण एवं प्रेरणादायी जीवनयात्रा को भी स्थान दिया गया है। स्वयं अस्थिबाधित दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने जिस आत्मबल, साहस और सामाजिक चेतना के साथ अनेक लोगों के जीवन में आशा का प्रकाश फैलाया, वह इस पुस्तक की आत्मा है।

यह मेरे लिए अत्यंत गौरव एवं भावनात्मक क्षण था, जब सुश्री छाया डडसेना जी द्वारा मेरी पुस्तक “हौसलों की उड़ान” को छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री गुरु खुशवंत सिंह साहेब जी को भेंट स्वरूप प्रदान किया गया। यह केवल पुस्तक का सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी संघर्षशील दिव्यांग साथियों के अदम्य साहस, आत्मसम्मान और प्रेरणादायी जीवनसंघर्ष का सम्मान था, जिनकी सच्ची कहानियाँ इस पुस्तक में संकलित हैं।


यह पुस्तक समाज में संवेदनशीलता, समावेशन और सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में मेरा एक विनम्र प्रयास है, ताकि लोग दिव्यांगता को कमजोरी नहीं, बल्कि अदम्य इच्छाशक्ति और संभावनाओं के रूप में देख सकें।

Post a Comment

0 Comments