रिश्तों की अहमियत को पहचाने अपने व्यवहार में बदलाव लाएं
क्या आपने कभी गौर किया है कि अच्छे से अच्छा रिश्ता भी अचानक क्यों टूट जाता है?
जवाब शायद आपके व्यवहार में छिपा हो...हम अक्सर सोचते हैं कि अगर हम किसी से प्यार करते हैं, तो हमारे रिश्ते का माधुर्य हमेशा बना रहेगा लेकिन ऐसा होता क्यों नहीं है क्योंकि सच यह है कि रिश्ता प्यार से शुरू होता है, परन्तु इसका स्थायित्व इसका माधुर्य एक दूसरे के प्रति किए गए व्यवहार से तय होता है ....
सोचिए, जिस तरह एक छोटा सा पत्थर भी शांत पानी में लहरें पैदा कर देता है, वैसे ही आपका एक छोटा सा 'गलत व्यवहार' आपके सुकून को पल भर में छीन सकता है। अगर आप भी अपने खास रिश्तों में दरार महसूस कर रहे हैं, तो इन 3 जादुई सुधारों पर गौर करें
1. रिएक्शन' नहीं, 'रिस्पॉन्स' दें -
जब पार्टनर या दोस्त कुछ कड़वा कहे, तो तुरंत पलटकर हमला करना 'रिएक्शन' है। लेकिन कुछ सेकंड रुककर सोच-समझकर बोलना 'रिस्पॉन्स' है।
■ याद रखें ... आपकी चुप्पी उस वक्त हथियार का काम करती है, जो बढ़ते हुए झगड़े को वहीं रोक देती है। शांत रहना हारना नहीं, बल्कि अपने रिश्ते को जिताना है।
2. "सही होने" की ज़िद छोड़ दें -
क्या आप बहस जीतना चाहते हैं या इंसान को? कई बार हम यह साबित करने में लग जाते हैं कि "मैं सही हूँ और तुम गलत।" यह जीत आपको संतुष्टि तो दे सकती है, लेकिन सामने वाले के मन में आपके लिए सम्मान कम कर देती है।
■ बदलाव: अगली बार बहस हो तो खुद से पूछें— "इस बात को जीतने से क्या मुझे वह खुशी मिलेगी जो इस इंसान के साथ से मिलती है?"
3. 'सराहना' की खुराक बढ़ाएं -
हम अक्सर शिकायतें तो तुरंत कर देते हैं, लेकिन तारीफ करना भूल जाते हैं। गलत व्यवहार सिर्फ चिल्लाना ही नहीं है, बल्कि सामने वाले की कोशिशों को 'नजरअंदाज' करना भी है।
■ दिन में कम से कम एक बार अपने साथी या करीबियों को उनकी किसी छोटी सी खूबी के लिए "थैंक यू" कहें। कद्र करने से कड़वाहट अपने आप पिघलने लगती है।
आपका एक छोटा सा बदलाव आपके रिश्ते बचा सकता है।


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