1.गाय
गाय हमारी माता है
देती दूध ताजा है।
हरी-हरी घास खाती है
सबका मन हर्षाती है।
गोबर से खाद बनाते
सबका घर आंगन महकाते।
दूध से मक्खन, घी बनाते
जो बच्चों को बहुत लुभाते।
गाय हमारी माता है
देती दूध ताजा है।
2.आम
आम फलों का राजा है
इसका स्वाद निराला है।
हड्डियों को मजबूत बनाता
शरीर का वजन घटाता है।
हरा, पीला, लाल, नारंगी
रोग दूर हो जाता है।
छाल पत्तों से दवाई बनते
कई पोषक तत्व इसमें पाया
जाता है।
इसलिए तो राष्ट्रीय फल
कहलाता है
सभी लोगों का मन भाता है।
आम फलों का राजा है
इसका स्वाद निराला है।
3.कृषक
कृषक खेतों में अन्न उगाते
कड़ी धूप में हल चलाते।
खाद्य सामग्री का उत्पादन
करते
खेतिहर के नाम से भी जाने
जाते हैं।
पशुओं की देखभाल करते
देश का आधार स्तंभ कहलाते।
बंजर सी धरती में सोना उगाते
जनता का अन्नदाता,
पालनकर्ता कहलाते।
कृषक खेतों में अन्न उगाते
कड़ी धूप में हल चलाते।
4.हाथी
हाथी आया हाथी आया
भारी-भरकम हाथी आया।
सुपा जैसे कानो वाला
लंबी सूड़ हिलाने वाला।
टांगे बरगद के पेड़ों जैसी
आंखें लगती है छोटी-छोटी।
इसके पीछे पूंछ लटकती
नहीं किसी से डरने वाला।
गन्ने पत्ती मजे से खा जाता
शक्तिशाली ताकतवर कहलाता।
हाथी आया हाथी आया
भारी-भरकम हाथी आया।
5.मोर
रंग बिरंगे पंख फैलाता
वन में देखो नाचे मोर।
सिर पर सजी है सुंदर कलगी
इस पर अति इठलाये मोर।
सावन में जब काली घटा छाये
जंगल में वह शोर मचाये।
पक्षियों का राजा कहलाता
राष्ट्रीय पक्षी कहलाता मोर।
रंग बिरंगी पंख फैलाता
वन में देखो नाचे मोर।
6.वर्षा ऋतु
वर्षा ऋतु आती है
घनघोर घटा छा जाती है।
काले बादल आते हैं
खूब पानी बरसाते हैं।
नदी, नाले भर जाते हैं
वातावरण स्वच्छ हो जाते।
बरसाती कपड़े खुल जाते हैं
छाते सबके खुल जाते हैं।
धरती की प्यास बुझाती
चारों ओर हरियाली छा जाती।
चारों ओर खुशहाली आ जाती
आओ जीवन मधुर बनाएं।
अपने छोटे से जीवन में सुख का
संसार बनाएं।
वर्षा ऋतु आती है
घनघोर घटा छा जाती है।
7.मम्मी
कितनी प्यारी मम्मी हमारी
लगती हमको जान से प्यारी।
सवेरे हमको जल्दी उठाती
हमें नहलाकर नाश्ता कराती।
अच्छी-अच्छी बातें सिखाती
हमको आत्मनिर्भर बनाती।
सत्य अहिंसा का पाठ सिखाती
शिक्षाप्रद कहानी सुनाती।
सत्मार्ग पर चलना सिखाती
स्वावलंबी हमको बनाती।
कितनी प्यारी मम्मी हमारी
लगती हमको जान से प्यारी।
प्रस्तुति- श्रीमती धनमत साहू
(शिक्षिका) शासकीय प्राथमिक शाला बेलटिकरी
संकुल- बेलटिकरी, विकासखंड- बिलाईगढ़
बलौदा बाजार (छ.ग.)


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