(नुक़्ता): इस लेख में हम जानेंगे की नुक़्ता किसे कहते हैं और इसका प्रयोग किनके साथ होता है।
नुक़्ता की परिभाषा
मूल रूप से ‘नुक़्ता’ अरबी भाषा का शब्द है और इसका मतलब ‘बिंदु’ होता है। साधारण हिन्दी-उर्दू में इसका अर्थ ‘बिंदु’ ही होता है।
नुक़्ता देवनागरी, गुरमुखी और अन्य ब्राह्मी परिवार की लिपियों में किसी व्यंजन अक्षर के नीचे लगाए जाने वाले बिंदु को कहते हैं। इस से उस अक्षर का उच्चारण परिवर्तित होकर किसी अन्य व्यंजन का हो जाता है।
जैसे –
‘ज’ के नीचे नुक्ता लगाने से ‘ज़’ बन जाता है और ‘ड’ के नीचे नुक्ता लगाने से ‘ड़’ बन जाता है।
नुक़्ते ऐसे व्यंजनों को बनाने के लिए प्रयोग होते हैं, जो पहले से मूल लिपि में न हों, जैसे कि ‘ढ़’ मूल देवनागरी वर्णमाला में नहीं था और न ही यह संस्कृत में पाया जाता है।
नुक़्ता का प्रयोग किन वर्णों में किया जाता है
उर्दू, अरबी, फ़ारसी भाषा से हिंदी भाषा में आए क, ख, ग, ज, फ वर्णों को अलग से बताने के लिए नुक़्ता का प्रयोग किया जाता है क्योंकि नुक़्ता के बिना इन भाषाओं से लिए गए शब्दों को हिंदी में सही से उच्चारित नहीं किया जा सकता। नुक़्ता के प्रयोग से उस वर्ण के उच्चारण पर अधिक दबाव आ जाता है।
जैसे –
हिंदी में ‘खुदा’ का अर्थ होता है – ‘खुदी हुई ज़मीन’ और नुक़्ता लग जाने से ‘ख़ुदा’ का अर्थ ‘भगवान्’ हो जाता है।
हिंदी में ‘गज’ का अर्थ होता है – ‘हाथी’ और नुक़्ता लग जाने से ‘गज़’ का अर्थ ‘नाप’ हो जाता है।
कुछ नुक़्ता वाले शब्द
कमज़ोर, तूफ़ान, ज़रूर, इस्तीफ़ा, ज़ुल्म, फ़तवा, मज़दूर, ताज़ा, फ़कीर, फ़रमान, इज़्ज़त आदि।
क, ख, ग में नुक़्ता का प्रयोग हिंदी भाषा में अनिवार्य नहीं है परन्तु ‘ज़’ और ‘फ़’ में नुक़्ता लगाना आवश्यक है।
| ख़याल | ज़रूरी |
| नग़ | फ़कीर |
| फ़तह | काग़ज़ |
| फ़सल | ख़जाना |
| अख़बार | फ़रियाद |
| फ़रिश्ता | ज़मीन |
| ज़मीर | ज़रूरी |
| सफ़ेद | साफ़ |
| फ़र्श | कब्ज़ा |
| बतख़ | ग़जब |
| ग़री | दर्ज़ा |
| चीज़ | शराफ़त |
| ज़िन्दा | नज़दीक |
| ज़मींदार | फ़तवा |
| फ़रमान | फ़कीर |
| फ़रेबी | ज़ोरदार |
| ज़मानत | मरीज़ |
| ज़ब्त | तूफ़ान |
| ज़ोर | ज़ेवर |
| कमज़ोर | तूफ़ान |
| ज़रूर | इस्तीफ़ा |
| ज़ुल्म | फ़तवा |
| मज़दूर | ताज़ा |
| फ़कीर | फ़र्ज़ |
| ज़ेवर | ज़ोर |
| फ़्रेंच | जि़ंदगी |
| इज़्ज़त | फ़रमान |
| रिलीज़ | ब्लेज़र |
| ज़मानत | रफ़ू साफ़ |
| दर्ज़ा | ज़रा |
| बाज़ार | तरफ़ |
| ज़माना | ख़रबूज़े |
| ज़िन्दा | बरफ़ |
| तेज़ | बर्फ़ |
| काफ़ी | सब्ज़ियों |
| मेहमाननवाज़ी | ज़िक्र |
| शराफ़त | गुज़र |
| उफ़ | अफ़सर |
| दफ़्तर | ज़ोर |
| प्रोफ़ेसर | गुज़रने |
| परहेज़ | चीज़ें |
| पुर्ज़े | फ़ायदा |
| मज़हबी | ऐतराज़ |
| नमाज़ | आज़ाद |
| रोज़े | गिरफ़्तार |
| रोज़ | फौजी |
| ज़ुल्मों | हफ़्ते |
| ज़रूरत | सफ़ेद |
| ताज़े | हज़ारों |
| क़मर | क़िताब |


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