पाठ 18 पिंजरे का जीवन
शब्दार्थ- भाँति - भाँति = तरह - तरह ।
भीषण = भयंकर ।
व्यंजन = खाने की अच्छी वस्तुएँ ।
क्रीड़ा= खेल ।
हिंसक = मारने वाला ।
सुहाना = मनोहर , अच्छा क्षण ।
पल - छिन लगना । छिन थोड़ी देर में ।
चिड़ीमार = पक्षियों को पकड़ने तथा मारने वाला ।
निशि = रात ।
क्रीड़ा = खेल ।
कविता का अर्थ
पिंजरे के तोते से बोली छत पर बैठी मैना ।
" बड़े मजे से तुम रहते हो बोलो ये सच है ना ?
बैठे - बैठे मिल जाते हैं भाँति - भाँति के व्यंजन।
काश ! मुझे भी मिल पाता जो इस पिंजरे का जीवन ।
अर्थ - पिंजरे में बंद पालतू तोते से छत पर स्वतन्त्र बैठी मैना ने कहा- तुम्हारा जीवन कितना अच्छा है मजे से रहते हो । तरह - तरह के पकवान तुम्हें बैठे - बैठे खाने को मिलते हैं । मैना ने तोते से कहा कि ऐसा सम्भव होता कि मुझे भी कोई पिंजरे में बंद कर पाल लेता । मैं बहुत खुश होती ।
भोजन और जल की तलाश में हम दिन - रात भटकते ।
तब जाकर दो - चार अन्नकण अपने पल्ले पड़ते ॥
उस पर हरदम चिड़ीमार का डर रहता है मन में ।
हिंसक जीव - जन्तुओं का भीषण खतरा है वन में ॥
अर्थ - मैना ने तोते को बताया कि हम भूख प्यास मिटाने के लिए दिन - रात जंगल में भटकते रहते और हैं । दिन - रात भटकने पर अन्न का दो - चार दाना मिल पाता है । बहेलिया या शिकारी का डर भी जंगल में बना रहता है । खतरनाक हिंसक जानवरों के आक्रमण का डर भी जंगल में बना रहता है ।
तोता बोला , " अगर सोचती हो सुख है पिंजरे में ,
मुझे निकालो , आओ अंदर मैं जाता हूँ वन में ॥
तुम ले लो पिंजरे का सुख मैं लूँ जंगल की पीड़ा
बड़े मजे से रहना इसमें , करना निशि - दिन क्रीड़ा ।।
अर्थ- तोता ने मैना से कहा कि यदि तुम यह सोचती हो कि पिंजरे के जीवन में सुख ही सुख है तो तुम मेरी जगह आ जाओ । मैं जंगल में भटकना पसंद करूंगा । कुछ दिन तुम भी पिंजरे का सुख उठा लो । मैं जंगल का दर्द झेलना चाहता हूँ । तुम पिंजरे में रहकर मजा करना । रात -दिन पिंजरे में खेलते रहना।
मैना ने खोला दरवाजा जैसे ही पल - छिन में ।
मैना को अन्दर कर तोता खुद उड़ गया गगन में ।।
चार दिनों में ही वह मैना अन्दर तड़प रही थी।
उड़ने आकाश में ऊंचे तबीयत फड़क रही थी।।
अर्थ- तोते की बात मैना ने मान ली और पिंजरे का दरवाजा खोल दिया । क्षण भर में ही तोता पिंजरे के बाहर हो गया और मैना को उसने पिंजरे में बंद कर आकाश में उड़ गया । थोड़े ही दिन बीते । मैना को पिंजरे का बंधन और कैद पसंद नहीं आया । वह पिंजरे में तड़पने लगी खुले आकाश में ऊँचाई पर उड़ने की इच्छा उसके मन में बार - बार उठ रही थी ।
भाँति - भाँति के भाते थे उसको ना कोई व्यंजन ।
ना आराम सुहाता उसको ना पिंजरे का जीवन ।
अर्थ- मैना को पिंजरे का मालिक तरह - तरह के पकवान खाने को देता था किन्तु उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता था । पिंजरे में आराम ही आराम था किन्तु वह भी उसे अच्छा नहीं लगता था सच तो यह है कि पिंजरे का जीवन बंधन वाला है । पिंजरे में कैदी की तरह रहना पड़ता है । वहाँ सुख कम दुःख ज्यादा है ।
प्रश्न और अभ्यास
प्रश्न 1. इस कविता में किस - किस पक्षी के बीच बातचीत बतायी गयी है ?
उत्तर- इस कविता में तोता और मैना के बीच बातचीत बतायी गयी है ?
प्रश्न 2. पक्षी के लिए पिंजरे का जीवन दुखदायी क्यों होता है ? उत्तर- पिंजरे में बंधन और कैद के बीच रहना पड़ता है , अतः पिंजरे का जीवन दुःखदायी है ।
प्रश्न 3. अगर तुम्हें खाने - पीने , आराम करने का सारा सामान रखकर किसी कमरे में बंद कर दिया जाय , तो तुम्हें कैसा लगेगा ? विवरण देते हुए उत्तर लिखो ।
उत्तर – यदि हमें कमरे में खाने - पीने एवं आराम का सारा सामान देकर बंद कर दिया जाए तो कुछ समय के लिए तो हमें अच्छा लगेगा किन्तु समय और दिन बीतने के साथ - साथ हम बाहर की दुनिया देखने के लिए तरस जायेंगे । बंद कमरे के जीवन में और कैदखाने में कोई अन्तर नहीं होता । बंद कमरे में दुःख ही दुःख है ।
प्रश्न 4. पिंजरे के बाहर रहने वाली मैना ने पिंजरे में बंद पक्षी से यह क्यों कहा , ' बड़े मजे में तुम रहते हो । "
उत्तर- पिंजरे में तोते को तरह - तरह के पकवान बिना परिश्रम के खाने को मिलते हैं । पिंजरे में आराम ही आराम है । आकाश में उड़ने की झंझट से भी मुक्ति मिल जाती है । इसलिए पिंजरे के बाहर रहने वाली मैना ने कहा कि- ' बड़े मजे में तुम रहते हो । "
प्रश्न 5. पिंजरे में बंद हो जाने पर मैना दुःखी क्यों रहने लगी ? उत्तर - मैना खुले आकाश में उड़ने की चाहत रखती थी इसलिए वह दुःखी रहने लगी ।
प्रश्न 6. " हिंसक जीव - जन्तुओं का भीषण खतरा है वन में ' , वन में पक्षियों के हिंसक जीव - जन्तु कौन कौन - से होते हैं ? उत्तर- जंगल में शेर , चीता , भालू , गिद्ध , कौआ आदि हिंसक जीव - जन्तु रहते हैं ।
भाषा तत्व और व्याकरण
प्रश्न 1. पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द लिखो जिनके लिंग नहीं बदलते ।
उत्तर- पुल्लिंग शब्द- खरगोश , मेढक , भालू ।
स्त्रीलिंग - तितली , चमगादड़ , मछली ।
प्रश्न 2. दो शब्द हैं- अगर और मगर । दोनों शब्दों में कोई मात्रा नहीं लगी है । ऐसे ही पाँच बिना मात्रा वाले शब्द लिखो जिसके अंत में ' ' वर्ण आता हो ।
उत्तर- ( 1 ) लहर , ( 2 ) नहर , ( 3 ) कमर , ( 4 ) जहर ,
( 5 ) कसर ।
प्रश्न 3. ऐसे दो वाक्य लिखो जिनमें इसी प्रकार के दो विलोम शब्दों का प्रयोग हुआ हो ।
उत्तर- ( 1 ) दादी ने सुख - दुःख की कहानी सुनाई ।
( 2 ) वह दिन - रात परिश्रम करता है ।
प्रश्न 4. ' हर ' में ' दम ' लगाकर ' हरदम ' शब्द बना है । ' हर ' लगाकर दो शब्द और बनाओ और उनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो ।
उत्तर- ( 1 ) हर पल -नीलू को हर पल अपनी माँ की चिन्ता रहती है ।
( 2 ) हर वर्ष - दीपावली पर्व हर वर्ष मनाया जाता है ।
प्रश्न 5. नीचे लिखे शब्दों की समान ध्वनि वाले दो - दो शब्द लिखो । जैसे - तोता , होता , सोता । जंगल , मंगल , दंगल ।
उत्तर- वन , धन , जन ।
भाते , जाते , गाते ।
गगन , लगन , मगन ।
प्रश्न 6. व , म , न , र , क वर्णों में से दो - दो वर्णों - के जितने शब्द बना सकते हो , बनाकर लिखो । जैसे- मन , काम ।
उत्तर- रन , नर , नम , वन , कर , मर , नव।
प्रश्न 7. दिए गए शब्दों में से शब्द और उनके पर्यायवाची शब्द अलग - अलग करके लिखो ।
जंगल , आकाश , दिन , जल , गंगा , दिवस , नीर , नभ , कानन , दिवा , स्वप्निल , वन ।
उत्तर- जंगल- वन , कानन
जल- नीर
दिन- दिवस , दिवा
नभ- आकाश
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1. पिंजरे में कौन कैद था ?
उत्तर- पिंजरे में तोता कैद था ।
प्रश्न 2. चिड़ीमार के डर की बात किसने कही थी ?
उत्तर -चिड़ीमार के डर की बात मैना ने कही थी ?
प्रश्न 3. " तुम ले लो पिंजरे का सुख , मैं लूँ जंगल की पीड़ा , ” यह बात किसने , किससे कही ?
उत्तर - तोता ने मैना से कहा ।
प्रश्न 4. इस कविता में से वे पंक्तियाँ चुनकर लिखो
( क ) जिनमें मैना ने अपनी जान के लिए खतरे बताये हैं ।
उत्तर- उस पर हरदम चिड़ीमार का डर रहता है मन में । हिंसक जीव - जन्तुओं का भीषण खतरा है वन में ।
( ख ) जिनमें पिंजरे में बंद मैना तड़पना बताया गया है । उत्तर - चार दिन में ही वह मैना अन्दर तड़प रही थी , उड़ने को आकाश में ऊँचे , तबीयत फड़क रही थी ।
प्रश्न 5. इन पंक्तियों का अर्थ लिखो
( क ) उड़ने को आकाश में ऊँचे , तबीयत फड़क रही थी । उत्तर - मैना पिंजरे में बंद थी । अब उसकी इच्छा आकाश में उड़ने की हो रही थी ।
( ख ) ना आराम सुहाता उसको , ना पिंजरे का जीवन ॥ उत्तर- मैंना को पिंजरे में बंद होकर आराम करना व कैद होकर रहना अच्छा नहीं लगा ।
प्रश्न 6. कविता की इन पंक्तियों को पूरा करो ।
( क ) तुम ले लो ...............
उत्तर - पिंजरे का सुख ।
( ख )........... जीव - जन्तुओं का….……. वन में ।।
उत्तर – हिंसक , भीषण खतरा है ।


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