कठपुतली कला से दे रहे है बेहतरीन शिक्षा शिक्षक अनिलकुमार/PUPPET EXPERT


                 
                          शिक्षक अनिल कुमार

शिक्षक का दायित्व बहुत बड़ा है । वह मानव-समाज को सही दिशा देते  है । आज के बच्चे कल का भविष्य होते हैं । यदि बच्चे पढ़े-लिखे होंगे तो वे देश का नाम रौशन करेंगे । यदि वे सुसंस्कृत होंगे तो देश सभ्य बनेगा । यदि शिक्षक बच्चों में अच्छे संस्कार देंगे तो उससे देश को लाभ होगा । कबीर दास जी ने कहा भी है –
 गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि-गढ़ि काई खोट ।
अंतर हाथ सहारि दे, बाहर मारे चोट ।।
अर्थात् गुरु कुम्हार और शिष्य घड़ा है । जिस प्रकार कुम्हार यत्न से घड़े को सुघड़ बनाता है उसी तरह गुरु भी छात्रों के दोषों का परिमार्जन करता है । गुरु की कठोरता बाहरी होती है, अंदर से वह दयावान ‘और छात्र  का हितैषी होता है ।
                     ऐसे ही बेहतरीन अध्यापक के बारे में आज हम जानेंगे।
हरियाणा राज्य के करनाल जिले के घरौंडा विकासखंड के राजकीय प्राथमिक शाला कैरवाली में पदस्थ जे बी टी अध्यापक अनिलकुमार जो बहुत ही समर्पित अध्यापक है। हरियाणा राज्य के कठपुतली शिक्षा के राज्य मास्टर ट्रेनर है।सामाजिक कार्यों में भी अपनी सहभागिता निभाते है। अध्यापक अनिल कुमार कठपुतली से शिक्षा एवं तीव्र चित्रकला के लिए जाने जाते है। बच्चों को बहुत ही समर्पण से अध्यापन कराते है। इन्होंने  हरियाणा राज्य  विभिन्न विद्यालयों में अपनी प्रस्तुति दिए है। इन्हें कठपुतली एवं तीव्र चित्रकला के लिए केरल भी आमंत्रित किया गया था इन्होंने वहाँ काजीकोड  कालीकट में अपनी प्रस्तुति दे चुके है। इनके शाला के बहुत से छात्रों का नवोदय विद्यालय के लिए चयन भी हो चुका है। इनके विद्यालय के  दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाये गए चित्रकला को राज्यस्तरीय पुरस्कार मिल चुका है।
बेहतर शिक्षण कार्य के अध्यापक अनिलकुमार को विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी हो चुके है।
















































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