शिक्षा, साहित्य एवं नवाचार के क्षेत्र में योगदान के लिए ज्योति सराफ को मिला राज्य स्तरीय एजुकेशन स्कल्प्टर अवार्ड 2026
कलिंगा यूनिवर्सिटी में आयोजित समारोह में राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष एवं कुलसचिव ने किया सम्मानित
जांजगीर-चांपा। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, समावेशी शिक्षा, साहित्यिक लेखन एवं सामाजिक सरोकारों के माध्यम से उल्लेखनीय योगदान देने वाली शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरदा, चांपा की व्याख्याता श्रीमती ज्योति सराफ को राज्य स्तरीय एजुकेशन स्कल्प्टर अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया। यùu⁷ह सम्मान 26 सितंबर 2026 को कलिंगा यूनिवर्सिटी, नवा रायपुर में आयोजित गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ शासन राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष श्री सुधीर गौतम एवं कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी के करकमलों से उन्हें सम्मानित किया गया।
यह आयोजन शिक्षा सारांश शैक्षिक मासिक पत्रिका के 41वें अंक के विमोचन के अवसर पर एमडी एजुकेशन सोसायटी एवं शिक्षा सारांश पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। समारोह में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों से चयनित नवाचारी शिक्षकों, शिgक्षाविदों एवं संपादक मंडल के सदस्यों की उपस्थिति रही।
श्रीमती ज्योति सराफ शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षा परिणामों तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों एवं व्यावहारिक जीवन कौशल से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वे कमजोर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कर उनमें आत्मविश्वास विकसित करने, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से सीखने को सरल एवं रुचिकर बनाने पर विशेष ध्यान देती हैं।
समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान वर्ल्ड ऑडियो बुक के माध्यम से सामने आया है। सुश्री के. शारदा के मार्गदर्शन में वे अब तक 680 से अधिक शैक्षिक ऑडियो सामग्री तैयार कर दृष्टिबाधित एवं अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने में योगदान दे चुकी हैं। इसके साथ ही साहित्य लेखन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता एवं विद्यार्थियों में सेवा भावना विकसित करने के लिए भी वे सक्रिय हैं।
उनकी पुस्तक हौसलों की उड़ान समावेशन और दिव्यांगजनों के जीवन संघर्षों एवं उपलब्धियों को सामने लाने का प्रयास है।
सम्मान प्राप्त होने पर श्रीमती ज्योति सराफ ने आयोजकों, मार्गदर्शकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सम्मान उनके लिए केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा है। उन्होंने इस उपलब्धि को अपने विद्यार्थियों, सहयोगी शिक्षकों एवं उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिनके सहयोग से वे शिक्षा को अधिक समावेशी और सार्थक बनाने का प्रयास कर रही हैं।


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