हिंदी कक्षा 8वीं पाठ 10 प्रवास/Prawas/

प्रवास 

श्री सलीम अली



शब्दार्थ - आवागमन = आना-जाना, प्रवास = यात्रा, नितांत = अत्यंत, जटिल = कठिन, सैलानी = यात्री, विश्लेषण = परखना, सहजवृत्ति = सरल विचार, आक्रामकों = हमला करने वाले, इर्द-गिर्द = इधर-उधर, अज्ञात = अनजान, कुतुबनुमा = दिशा सूचक, रहस्य = भेद, राज, सहजवृत्ति = स्वाभाविक, फासला = दूरी, नितांत = बिलकुल, कोपँल = कोमल, मुलायम, कोहरा = धुंध ।

प्रश्न और अभ्यास

पाठ से

इन प्रश्नों के उत्तर लिखिये -

प्रश्न 1. प्रवासी चिड़ियाँ किन्हें कहते हैं ? वे यात्राएँ क्यों करती हैं।

उत्तर - प्रवासी चिड़ियाँ उन्हें कहते हैं, जो एक निश्चित मौसम में निश्चित मार्ग से, निश्चित स्थान की ओर प्रवास करती हैं। उन्हें प्रवासी चिड़िया कहते है। कुछ पक्षियों की प्रजातियाँ ठंडे प्रदेश से गर्म प्रदेश की ओर प्रवास करती हैं एवं वहाँ का मौसम गर्म होने पर पुनः वापस चली जाती है। कुछ अंडे देने के लिये वंश वृद्धि के लिये प्रवास करती है।

प्रश्न 2. चिड़ियों के प्रवास से संबंधित सबसे विशिष्ट बात क्या है ?

उत्तर - प्रवास से संबंधित सबसे विशिष्ट बात यह है कि कुछ प्रवासी चिड़ियाँ वंश वृद्धि के लिये प्रवास करती है, कुछ चिड़ियाँ गर्म स्थान में जाने के लिये प्रवास करती है, कुछ अपने प्रजनन स्थान को जाना तथा लौट आना।

प्रश्न 3. मुंबई के पीलक और पतरिंगे प्रवास के लिये कब और कहाँ जाते हैं ?

उत्तर - मुंबई के पीलक और पतरिंगे मानसून के दौरान शहरी इलाका छोड़कर थोड़ी दूर दक्षिण के पठार या मध्य भारत की ओर चले जाते हैं और सितंबर के शुरू में लौट आते हैं, स्थानीय प्रवास के लिये कुछ जाते हैं, जो इनके लिये लाभप्रद हो सकता है।

प्रश्न 4. चिड़ियाँ अपने प्रवास के लिए क्या-क्या तैयारियाँ करती हैं ?

उत्तर - अपनी लंबी यात्रा पर प्रस्थान करने के पहले प्रवासी चिड़ियाँ इसके लिये तैयारी करती हैं। वे खाना अधिक मात्रा में खाती हैं ताकि चर्बी की एक तह सी बैठ जाती है जो उनकी यात्रा में शरीर को ताकत प्रदान करती रहे। कुछ झुंड में रहना उड़ना सीखना शुरू करती हैं, सूरज को निकलना, डूबना चिड़ियों को प्रस्थान के समय का संकेत देता है।

प्रश्न 5. चिड़ियों को यात्रा के दौरान किन बातों का खतरा रहता है ?

उत्तर- चिड़ियों को यात्रा के दौरान मौसम की परेशानी होती है, भरण-पोषण के लिये आहार की कमी है। अनवरत उड़ान भरती होती धुँध, कोहरे से मार्ग भटकने का खतरा बना रहता है। बुरे मौसम में अंधड़ का खतरा रहता है।

प्रश्न 6. प्रवासी पक्षियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिये किन तरीकों को अपनाया जाता है ?

उत्तर- शताब्दी से प्रवासी पक्षियों के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिये जो तरीका अधिकाधिक प्रयोग होता है उन्हें एल्युमीनियम के छल्ले पहना देना तथा उन्हें रजिस्टर में लिखा जाता है, इनके विभिन्न नाप होते है इन छल्लों पर क्रम संख्या तथा छल्ला पहनाने वाले का पता होता है।

प्रश्न 7. प्रवासी चिड़िया रात में ही यात्रा क्यों करती है?

उत्तर - प्रवासी चिड़िया रात में ही यात्रा इसलिए करती है क्योंकि रात में आक्रामकों से कम खतरा रहता है, बुरे मौसम, अंधड़ आदि से बचने के लिए, प्रवास यात्रा कठिन व खतरनाक होती है।

प्रश्न 8. कुतुबनुमा का क्या अर्थ है ? यह पक्षियों की यात्रा में कैसे सहयोग करती है ?

उत्तर - कुतुबनुमा का अर्थ है, सुरज निकलने और डूबने से चिड़ियों को प्रस्थान के संकेत मिलते हैं। चिड़िया सूर्य के कोण के अनुसार अपना मार्ग निर्धारित करती है। दिन में सूर्य और रात में तारे इनकी सहयोग करते हैं।

प्रश्न 9. पक्षियों की प्रवास यात्रा हमेशा कठिन और थकाऊ होती है। क्यों ?

उत्तर - पक्षियों की प्रवास यात्रा में कभी कभी बुरे मौसम आँधी अंधड़ में फँस जाते हैं जिससे उनकी प्रवास यात्रा कठिन हो जाती है। एक देश से दूसरे देश कभी-कभी महासागर व महाद्वीप भी पार कर जाती है जिससे यह यात्रा थकान भरा होता है।

पाठ से आगे

प्रश्न 1. 'प्रवास' शब्द का प्रयोग पाठ में हुआ है जिसका सामान्य सा अर्थ है। परदेश की यात्रा अथवा सफर, आप अपने प्रवास यात्रा के लिए कौन-कौन सी तैयारी करते हैं ?

उत्तर- हम अपनी यात्रा के दौरान कुछ समान जो हमें लग सकते हैं जैसे-साबुन, ब्रश, पेस्ट, पहनने के कपड़े, बिछाने के लिए बिस्तर, खाने के लिए नाश्ता व कुछ दवाई तो हमें जरुरी है। ये सब तैयारी के साथ जाते हैं।

भाषा से

प्रश्न 1. अजीब बात, बुनियादी सवाल, लम्बी यात्रा ठंडे स्थान, सख्त जाड़े, प्रवासी चिड़ियाँ, जो विशेष्य - विशेषण प्रयोग के उदाहरण हैं। पाठ में इस प्रकार के वाक्यों का बहुतायत से प्रयोग हुआ है। पाठ से और भी ऐसे विशेष्य- विशेषण के प्रयोग को खोजकर लिखिए।

उत्तर- 1. पथ-प्रदर्शन

वाक्य प्रयोग- पथ प्रदर्शन यदि सही है, तो मंजिल दूर नहीं होती।

2. प्रवास-यात्रा

वाक्य प्रयोग - चिड़ियों की प्रवास यात्रा लंबे समय को होती है।

प्रश्न 4. बुनियादी सवालों का अभी "इन तक संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।" इस वाक्य में 'संतोषजनक' शब्द को समझिए। 'संतोष' शब्द में 'जनक' जोड़कर यह शब्द बना है। 'जनक' का अर्थ होता है, पिता या जन्म देने वाला। 'संतोषजनक' का अर्थ हुआ 'संतोष देने वाला।'

आप भी 'जनक' जोड़कर दो शब्द बनाइए और उनका अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

उत्तर- 'जनक' शब्द जोड़कर नए वाक्य-

1. निराशा + जनक = निराशाजनक ।

वाक्य - आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।

2. आपत्ति + जनक = आपत्तिजनक ।

वाक्य-टी.वी. पर कई आपत्ति जनक विज्ञापन दिखाये जाते हैं।

प्रश्न 5. 'प्रवास' शब्द 'वास' में 'प्र' उपसर्ग जोड़ने से बना है। इसका अर्थ है- कुछ समय के लिए किसी दूसरे स्थान पर रहना। नीचे 'प्र' उपसर्ग युक्त कुछ और शब्द दिए गए हैं, इनके मूल शब्द पहचानिए और अर्थ समझिए। फिर इन शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए।

प्रदेश, प्रगति , प्रचलित,  प्रहार,  प्रख्यात, प्रशिक्षण,  प्रमुख , प्रसिद्ध,  प्रकोप, प्रस्थान

उत्तर - 1. प्रदेश - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - हमें अपने प्रदेश की जानकारी पूर्ण होनी चाहिये।

2. प्रगति - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - यदि हमने ठान लिया है तो हमारी प्रगति में कोई आड़े नहीं आ सकता।

3. प्रचलित - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - भारत में हिन्दी प्रचलित भाषा है।

4. प्रहार - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - शब्दों के प्रहार से किसी व्यक्ति को घायल मत करो।

5.  प्रख्यात - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - बसु प्रख्यात विद्वान थे।

6. प्रशिक्षण - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - कमला ने कम्प्यूटर का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

7. प्रमुख - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - दीवाली हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है।

8. प्रसिद्ध - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - छत्तीसगढ़ धान का कटोरा के लिये प्रसिद्ध है।

9. प्रकोप - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - दैवीय प्रकोप के आगे प्रत्येक व्यक्ति नतमस्तक है।

10. प्रस्थान - मूलशब्द-प्र

वाक्य प्रयोग - परीक्षा उपरान्त हम सब पुणे के लिये प्रस्थान करेंगे।

प्रश्न 6. नीचे बने चौकोर में आठ शब्द और उनके विलोम शब्द दिये गये हैं। इनकी जोड़ी बनाकर लिखिये -

उत्तर

प्रस्थान   आगमन

 ज्येष्ठ   कनिष्ठ

पतन      उत्थान

कठिन   सरल

अर्थ   अनर्थ

वैकल्पिक   अनिवार्य

सामुहिक   वैयक्तिक

शहरी    देहाती

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