सामाजिक विज्ञान (इतिहास) कक्षा आठवीं
अध्याय चार भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
अभ्यास प्रश्न
1. ब्रिटिश कम्पनी ने किसानों को नील की खेती करने को विवश किया।
2.हनुमान सिंह को छत्तीसगढ़ का मैगनीज लश्कर कहा जाने लगा।
3. दिल्ली के अन्तिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर थे।
4.इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया ने 1 नवंबर सत्र 1858 को एक घोंषणा पत्र जारी किया।
प्रश्न 2. सन् 1857 के प्रमुख नेताओं के नाम को उनके स्थानों से सही- सही मिलाइये-
1. कुँवर सिंह- बिहार
2.तात्या टोपे- कानपुर
3- लक्ष्मी बाई- झाँसी
4.हजरत महल - लखनऊ
5. वीर नारायण सिंह - सोनाखान
प्रश्न 3. सत्य / असत्य लिखिए
( 1 ) चर्बी वाले कारतूसों की घटना सन् 1857 के विद्रोह से सम्बन्धित नहीं है । असत्य
( 2 ) डलहौजी के साम्राज्य विस्तार की नीति से देशी राजाओं को बहुत लाभ हुआ । असत्य
प्रश्न 4. प्रश्नों के उत्तर दीजिए
( 1 ) 1857 के पूर्व अंग्रेजों की सेना के भारतीय सिपाहियों में असंतोष क्यों था ?
उत्तर सन् 1857 के पूर्व अंग्रेजों की सेना के भारतीय सिपाहियों में व्याप्त असंतोष का कारण निम्नलिखित था
( 1 ) अंग्रेज सैनिक अधिकारी उन्हें घृणा की दृष्टि से देखते थे ।
( 2 ) अंग्रेजी सेना में भारतीय सैनिकों की संख्या , अंग्रेजी सैनिकों की तुलना में पाँच गुना थी लेकिन उन्हें उच्च पद नहीं दिया जाता था ।
( 3 ) गोरे सैनिकों को भारतीय सैनिकों से ज्यादा वेतन दिया जाता था ।
( 4 ) भारतीय सैनिकों पर तिलक लगाना , दाढ़ी रखना , पगड़ी बाँधना जैसे पारम्परिक कार्यों पर रोक लगा दिया गया था
( 5 ) भारतीय सैनिकों को समुद्र पार भेजा जाता था , जबकि उन दिनों धार्मिक मान्यता के अनुसार यह धर्म विरुद्ध था ।
( 6 ) सैनिकों को आशंका थी कि कारतूसों में गाय या सूअर की चर्बी मिली हुई थी ।
( 2 ) सन् 1858 के महारानी की घोषणा पत्र में भारतीयों को कौन - कौन से आश्वासन दिए गए थे ?
उत्तर - इंग्लैण्ड की महारानी विक्टोरिया ने 1 नवम्बर सन् 1858 को एक घोषणा पत्र द्वारा भारतीय जनता को निम्नलिखित आश्वासन दिए थे-
( 1 ) कम्पनी का शासन समाप्त कर भारत का शासन सीधे इंग्लैण्ड के संसद द्वारा संचालित करने की घोषणा की गई थी ।
( 2 ) भारतीय जनता की धार्मिक भावनाओं व सामाजिक रीति - रिवाजों पर हस्तक्षेप न करने की नीति लागू करने का आश्वासन दिया गया ।
( 3 ) प्राचीन परम्पराओं का संरक्षण व सम्मान का आश्वासन दिया गया ।
( 4 ) अब गवर्नर जनरल का पद समाप्त कर दिया गया और वायसराय की नियुक्ति का प्रावधान किया गया । सैद्धांतिक दृष्टि से महारानी विक्टोरिया का यह घोषणा पत्र बहुत महत्वपूर्ण और लोक लुभावना था ।
( 3 ) सन् 1857 का विद्रोह क्यों असफल रहा ?
उत्तर - असफलता के मुख्य कारण निम्नलिखित थे-
( 1 ) समय से पहले क्रान्ति का आरम्भ ,
( 2 ) एक उद्देश्य का न होना ,
( 3 ) योग्य नेता का न होना ,
( 4 ) केन्द्रीय योजना का अभाव ,
( 5 ) साधनों का अभाव ,
( 6 ) सीमित क्षेत्र ,
( 7 ) जनक्रान्ति का न होना ।
परीक्षोपयोगी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.1857 ई . की क्रांति कब और कहाँ से प्रारंभ हुई थी ?
उत्तर -10 मई , 1857 , मेरठ से
प्रश्न 2.1857 की क्रांति का तात्कालिक कारण क्या था ?
उत्तर - चर्बी लगे कारतूसों की घटना ।
प्रश्न 3.1857 की क्रांति के प्रमुख नेता के नाम बताइये ।
उत्तर - रानी लक्ष्मीबाई , नानासाहब , बहादुरशाह जफर , तात्याटोपे , कुंवर सिंह व मंगल पाण्डे आदि ।
प्रश्न 4 . 1857 की क्रांति का पहला शहीद सैनिक कौन था और कहाँ का था ?
उत्तर - 1857 की क्रांति का पहला शहीद सैनिक मंगल पाण्डे था । वह बंगाल का था ।
प्रश्न 5 महारानी लक्ष्मी बाई कहाँ की रानी थी ?
उत्तर - झाँसी की ।
प्रश्न 6. अंतिम मुगल बादशाह कौन था ?
उत्तर - बहादुरशाह जफर ।
प्रश्न 7. छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किसने किया था ?
उत्तर - शहीद वीरनारायण सिंह
प्रश्न 8 वीरनारायण सिंह कहाँ के जमींदार थे ?
उत्तर - सोनाखान ।
प्रश्न 9.अंग्रेज अधिकारी सिडवेल की हत्या कब और किसने की ?
उत्तर -हनुमान सिंह राजपूत , 18 जनवरी सन् 1558 .
प्रश्न 10.शहीद हनुमान सिंह को किस नाम से जाना जाता है ?
उत्तर -- मेग्जीन लश्कर ।
प्रश्न 11.महारानी विक्टोरिया ने अपना घोषणा पत्र कब जारी किया ?
उत्तर -1 नवम्बर , सन् 1858 .
प्रश्न 12.भारतीय शासकों के असन्तोष के क्या कारण थे ? उत्तर - भारतीय शासकों के असन्तोष के निम्नलिखित कारण थे-
( 1 ) अंग्रेजों की राज्य विस्तार नीति ,
( 2 ) अंग्रेजों द्वारा सन्धियों को तोड़ना ,
( 3 ) डलहौजी की विलय नीति ।
प्रश्न 13. भारतीय राज्यों को अंग्रेजी राज्य में मिला लिए जाने से आम जनता का आर्थिक जीवन किस प्रकार प्रभावित हुआ ?
उत्तर - प्रभाव-
( i ) जमींदारों पर प्रभाव - जिन इलाकों में अंग्रेजों का अधिकार हो गया वहाँ की जमीनें अंग्रेजों ने हड़प ली । अत : जमींदार अंग्रेजों के विरुद्ध हो गये ।
( ii ) सैनिकों का प्रभाव - भारतीय राज्यों को अंग्रेजी साम्राज्य में मिला लिए जाने के कारण उनकी सेनाएँ भंग कर दी गई जिससे अनेक सैनिक बेकार हो गये और उनमें असंतोष फैल गया ।
( iii ) दस्तकारों पर प्रभाव - भारतीय राजाओं के संरक्षण में अनेक दस्तकार रह गये थे । रियासतों को अंग्रेजी राज्य में मिलाये जाने के कारण दस्तकार बेकार हो गये ।
(iv ) ग्रामों पर प्रभाव - गाँव स्वावलम्बी नहीं रहे । उनके उद्योग नष्ट हो गये । गाँव में बने माल की माँग कम हो गई । गाँव शहरों पर आश्रित हो गये ।
( v ) विद्वानों पर प्रभाव- -पुराने भारतीय राज्यों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिए जाने के कारण विद्वानों , कलाकारों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा तथा उनकी जमीनें भी अंग्रेजों ने छीन ली । अत : उनमें भी असन्तोष उत्पन्न हो गया ।
प्रश्न 14. सन् 1857 का संघर्ष पहले के सारे संघर्षों से किस प्रकार भिन्न था ?
उत्तर - ब्रिटिश शासन के खिलाफ सन् 1857 का संघर्ष सबसे जबरदस्त संघर्ष था । भारतीय इतिहास में यह एक अभूतपूर्व व विद्रोह था । यह अन्य विद्रोहों से भिन्न था।
( 1 ) संघर्ष का व्यापक होना -इस संघर्ष की ज्वाला उत्तरी भारत से दक्षिण तथा पूर्व फैली हुई थी । इसमें झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई , जीनतमहल , कुँवरसिंह , मुगल सम्राट बहादुर शाह का तथा नानासाहब जैसे शासकों ने भाग लिया था ।
( 2 ) समाज के विभिन्न समुदायों का भाग लेना - संघर्ष में जमींदार , किसान , दस्तकार , सैनिक , विद्वान , नवाब , कम्पनी के सिपाही सभी शामिल हुए थे ।
( 3 ) संघर्ष का समान लक्ष्य - ब्रिटिश शासन को भारत से उखाड़ फेंकने का समान लक्ष्य था । इसी कारण बड़े पैमाने पर संघर्ष हुआ । इसलिए यह भारत का प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम के नाम से जाना जाता है ।
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प्रश्न 15.1857 ई . के स्वतंत्रता संग्राम के कुछ नेताओं के नाम बताइए और इनकी भूमिका पर प्रकाश डालिये ।
उत्तर -1857 ई . के स्वतन्त्रता संग्राम के प्रमुख नेता निम्न कारण थे -
( 1 ) बहादुरशाह - सभी क्रान्तिकारियों ने अपना प्रतीक बहादुरशाह को माना । उन्हें भारत के मुगल सम्राट पद पर बैठाया । क्रान्ति की असफलता के बाद उन्हें रंगून भेज दिया गया जहाँ उसकी मृत्यु हो गई ।
( 2 ) नाना साहब - कानपुर में क्रान्ति का नेतृत्व नाना साहब ने किया । उनकी ओर से तात्या टोपे लड़ रहे थे । जनरल हैवलाक ने कानपुर क्रान्ति को कुचल दिया और कानपुर पर अधिकार कर लिया ।
( 3 ) झाँसी की रानी -1857 ई . की क्रान्ति की महान नेत्री एवं वीरांगना झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई थी । उसे झाँसी छोड़ने पर अंग्रेज ने विवश कर दिया ।
उन्होंने तात्या टोपे की सहायता से व ग्वालियर के किले पर अपना अधिकार कर लिया । 1858 ई . में ने वह अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ती हुई वीरगति को प्राप्त हुई ।
( 4 ) कुँवरसिंह - बिहार में क्रान्ति का प्रमुख नेता कुँवर 1 सिंह था । उसकी सेना ने बिहार के कई भागों को स्वतन्त्र किया । - सन् 1858 में उनकी मृत्यु हो गई ।
( 5 ) तात्या टोपे - नाना साहब के सैनिकों का नेतृत्व करने वाले तात्या टोपे थे । इनकी सहायता से रानी लक्ष्मीबाई ने ग्वालियर पर अधिकार कर लिया । तात्या टोपे मध्य भारत तथा राजपूताने में अंग्रेजों से दो वर्षों तक लड़ते रहे । एक मित्र के विश्वासघात के कारण पकड़े गये और उसे अंग्रेजों ने फाँसी दे दी ।
( 6 ) हजरत महल - अवध की क्रान्ति का नेतृत्व हजरत महल ने किया था । आखिरी दम तक उसने अंग्रेजों का डटकर सामना किया । अन्त में वह नेपाल चली गई ।
प्रश्न 16.1857 ई . की क्रांति के आर्थिक कारण लिखिए ।
उत्तर -1857 ई . की क्रांति के आर्थिक कारण निम्नलिखित हैं-
( 1 ) अंग्रेजों ने भारत की दस्तकारियों तथा व्यापार को नष्ट कर दिया जिससे लाखों भारतीय बेरोजगार हो गए तथा भारतीयों का व्यापार ठप्प पड़ गया ।
( 2 ) ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने भारत के किसानों पर अनेक अत्याचार किए ।
( 3 ) डलहौजी ने लाखों किसानों की जमीन छीन ली ।
( 4 ) अंग्रेजों ने कृषि की उन्नति की ओर कोई ध्यान नहीं दिया ।
( 5 ) इन सभी कारणों से किसानों व व्यापारियों में अंग्रेजों के प्रति भारी असंतोष व्याप्त हो गया ।
प्रश्न 17. अंग्रेजों ने क्रान्ति का दमन कैसे किया ?
उत्तर - अंग्रेजों ने सन् 1857 की क्रांति को दबाने के निम्न उपाय किए - सन् 1857 की क्रान्ति के महत्व निम्नलिखित हैं
( 1 ) क्रान्ति को स्थाई करना।
( 2 ) क्रान्ति की लपटों को नर्मदा के पार नहीं जाने देना
( 3 ) क्रान्ति का निर्ममता पूर्वक दमन करना
( 4 ) भारतीयों के मन में भय व आतंक पैदा करके ।
प्रश्न 18.सन् 1857 की क्रान्ति के महत्व बताइये ।
उत्तर – सन् 1857 की क्रान्ति के महत्व निम्नलिखित हैं-
( 1 ) इस संग्राम में भारतीय जनता तथा सैनिकों ने मिलकर अंग्रेजों का सामना किया ।
( 2 ) इस विद्रोह ने अंग्रेज अधिकारियों की आँखें खोल दीं , अत : भारतीयों को संतुष्ट करने के लिए उन्हें शासन में सुधार करने पड़े ।
( 3 ) इस स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरित होकर आने वाली पीढ़ी ने अंग्रेजों के विरुद्ध अपना अभियान जारी रखा ।
( 4 ) विद्रोह के बाद भारत में कम्पनी का शासन समाप्त हो गया ।
प्रश्न 19. प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में शहीद वीरनारायण सिंह के योगदान का वर्णन कीजिए ।
उत्तर - वीरनारायण सिंह रायपुर जिला के बलौदा बाजार तहसील के सोनाखान के जमींदार थे । सन् 1856 में सोनाखान में भयंकर अकाल पड़ा , लोग अन्न के बिना भूखों मरने लगे । अपनी रियाया ( जनता ) के प्राण बचाने के लिए उन्होंने एक व्यापारी के गोदाम में रखे अनाज को बँटवा दिया । व्यापारी ने इसकी शिकायत अंग्रेज अधिकारी से की और वीरनारायण सिंह को गिरफ्तार कर रायपुर जेल में डाल दिया गया । किन्तु वे सन् 1857 को जेल से भाग गए और लगभग 500 किसानों की सेना संगठित कर 1 दिसम्बर , 1857 को देश की आजादी के लिए संग्राम क्षेत्र में कूद पड़े । अंग्रेजों ने सोनाखान के पड़ोसी देवरी के जमींदार की मदद से वीरनारायण सिंह को फिर गिरफ्तार कर लिया और रायपुर के जयस्तंभ चौक में उसे सरेआम फाँसी पर लटका दिया । इस प्रकार मातृभूमि का यह सच्चा सपूत सदा - सदा के लिए भारत माता की गोदी में सो गया।
प्रश्न 20. हनुमान सिंह राजपूत के योगदान का वर्णन कीजिए ।
उत्तर — हनुमान सिंह राजपूत रायपुर फौज़ी छावनी में फौजी थे । उन्हें मेग्जीन लश्कर के नाम से भी जाना जाता है । उन्होंने 18 जनवरी , सन् 1858 को सिडवेल नामक अंग्रेज अधिकारी की हत्या की और रायपुर में स्वतंत्रता की मशाल को थामे रखा । किन्तु 6 घण्टे बाद ही सत्रह लोग गिरफ्तार कर लिए गए । गिरफ्तारियों पर दो दिन तक मुकदमा चला और अंत में उन्हें देशद्रोह के आरोप में 22 जनवरी , सन् 1558 को सैनिकों व जनता के सामने सार्वजनिक रूप से फाँसी पर लटका दिया गया । इस विद्रोह में सभी जाति व धर्म के लोग शामिल थे , इससे प्रमाणित होता है , कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीयता की भावना सर्वोपरि थी ।
प्रश्न 21.सत्य / असत्य लिखिए
( 1 ) नई लगान व्यवस्था से किसानों को बहुत लाभ हुआ ।(असत्य)
( 2 ) सन् 1857 का विद्रोह असफल रहा । (सत्य)




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