नागरिक शास्त्र कक्षा आठवीं अध्याय 2 हमारा संविधान/HAMARA SANVIDHAN

अध्याय 2

हमारा संविधान

पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों का शासन क्यों होना चाहिए ? 

उत्तर - वर्तमान शासन पद्धतियों में सर्वाधिक लोकप्रिय शासन पद्धति जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का शासन अर्थात् प्रजातंत्र है । सरकार का जनता द्वारा चुना जाना इसलिए आवश्यक है कि वे जनप्रतिनिधि होते हैं , वे भी उसी समाज से चुनकर आते हैं , जहाँ जनता निवास करती है । वह प्रतिनिधि उस क्षेत्र की समस्त समस्याओं और विकास की संभावनाओं से भली - भाँति परिचित होता है । अत : वह प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का निदान करने में अधिक सफल होता है । उपलब्ध संसाधनों की जानकारी के कारण प्रतिनिधि उसका उचित उपयोग कर रोजगार के अवसर सुनिश्चित कर सकता है । इस प्रकार स्पष्ट है कि जनता द्वारा चुने प्रतिनिधियों का शासन होना आवश्यक है ।

प्रश्न 2. महिला और पुरुष को समान अधिकार क्यों मिलना चाहिए ?

उत्तर - महिला और पुरुष से ही समाज का निर्माण होता है । दूसरे शब्दों में जीवन रूपी गाड़ी के वे दो पहिए हैं । अर्थात् जिस प्रकार गाड़ी के कुशल संचालन के लिए दोनों पहियों का समान रूप से मजबूत होना आवश्यक है उसी प्रकार समाज रूपी गाड़ी के संतुलित संचालन के लिए पुरुषों के समान ही महिलाओं को समानता का अधिकार देना आवश्यक है , क्योंकि महिलाएँ यदि समाज में पिछड़ी रह जाती हैं तो समाज का विकास 50 % प्रभावित हो जाता है । कहा जाता है कि एक बालिका शिक्षित होती है तो वह दो परिवारों को सुशिक्षित व विकसित बनाती है इस प्रकार स्पष्ट है कि समाज , राष्ट्र व विश्व को सुसंस्कृत और विकसित बनाने के लिए महिलाओं को भी पुरुषों के समान अधिकार देना अत्यन्त आवश्यक है ।

प्रश्न 3. 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाते हैं ?

उत्तर - स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लाहौर अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ने 31 दिसम्बर 1929 को पूर्ण स्वराज्य का संकल्प लिया था । इस पूर्ण स्वराज्य के संकल्प दिवस के महत्व को बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष 26 जनवरी को स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया । इसलिए 26 जनवरी , 1950 को देश का संविधान लागू किया गया । इसीलिए हम 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस मनाते हैं ।

 अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1.संविधान क्या है ? संविधान सभा का गठन क्यों किया गया था ? 

उत्तर - भारतीय संविधान के निर्माण के लिए विद्वानों का  एक समूह चुना गया था , जिसे “ संविधान सभा ' के नाम से जान जाता है । इसके अध्यक्ष डॉ . राजेन्द्र प्रसाद थे।इस सभा में लगभग  299 सदस्य थे । सभा में सभी राज्यों का समान प्रतिनिधित्व दिया गया था । प्रत्येक राज्य के विद्वानों और सक्रिय नेताओं को इसका  सदस्य बनाया गया था । संविधान सभा के गठन का मुख्य कारण श्रेष्ठतम संविधान  का निर्माण तो था ही , साथ ही सभी राज्यों की हितों की रक्षा , सभी वर्गों को समान रूप से प्रतिनिधित्व देकर उनकी भागीदारी  सुनिश्चित करना भी था । तत्कालीन राजनेता यह बिलकुल नहीं  चाहते थे कि भविष्य में प्रतिनिधित्व को लेकर किसी प्रकार का विवाद हो इसलिए क्षेत्रों के अनुभवी व विद्वानों को चुनकर संविधान सभा का गठन किया गया था । 



प्रश्न 2. संविधान की आवश्यकता किन परिस्थितियों में हुई?

उत्तर - अंग्रेजों के जाने के बाद भारत में किस तरह की शासन व्यवस्था हो , यह सबसे बड़ा प्रश्न था । उस समय भारत विभाजन का दंश झेल रहा था । साथ ही अंग्रेजों से अशिक्षा , भुखमरी , बेरोजगारी आदि विरासत में मिला था । अभी भी भारत में विभाजन से उपजी समस्याएँ मुँह बाए खड़ी थीं । भारत में अनेक जाति , धर्म , सम्प्रदाय , भाषा के लोग निवास करते हैं , अत : उनकी हितों की रक्षा किस प्रकार की जाय ? क्षेत्रीयता , जातिवाद अलगाववाद , भाषावाद की समस्याओं को कैसे दूर किया जाय ? महिला , बूढ़ों , बच्चों , अपाहिजों व अल्पसंख्यकों की सुरक्षा किस प्रकार हो ? समाज में व्याप्त रूढ़ियों , परम्पराओं की जटिलता को कैसे दूर किया जाय ? आदि अनेक विषम परिस्थितियाँ सुरसा की भौति मुँह फैलाए खड़ी थीं । ऐसी परिस्थिति मे एक ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की गई , जो इन सभी बाधाओं को दूर करने का रास्ता निकाल सके । अत : उक्त परिस्थितियों में संविधान की आवश्यकता स्वयंसिद्ध है । 

प्रश्न 3. संविधान की उद्देशिका में दिए गए शब्द समता को समझाइए ।

उत्तर - भारतीय संविधान की उद्देशिका में दिए गए समता शब्द से आशय है - सभी कानून के समक्ष समान है । अर्थात् प्रत्येक भारतीय नागरिक को एक ही विधि का पालन करना है । जाति , धर्म , नस्ल , रंग , पद व आर्थिक स्तर पर कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा । चाहे अपराध किसी के द्वारा किया गया हो , सभी को भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता में उल्लेखित धाराओं के आधार पर दण्डित किया जावेगा । समता का अर्थ यह भी है किसी प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराया जावेगा । सार्वजनिक स्थलों पर सबका समान अधिकार होगा । किसी भी व्यक्ति को जाति , रंगभेद के आधार पर इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता ।



प्रश्न 4. भारत का संविधान 1950 में 26 जनवरी को ही क्यों लागू किया गया ?

 उत्तर-भारत का संविधान 25 जनवरी 1950 को ही लागू करने का कारण ऐतिहासिक है । 26 जनको सन् 1929 को के लाहौर अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण  स्वराज्य का संकल्प लिया था इस पूर्ण स्वराज्य के संकल्प दिवस  के महत्व को बनाए रखने के लिए 26 जनवरी , सन् 1950 को देश में संविधान लागू किया गया था।

प्रश्न 5. यदि संविधान नहीं होता तो क्या - क्या दिक्कतें होती ?

उत्तर -किसी भी देश को सुशासन देने के लिए संविधान आवश्यक है। संविधान में इस बात की जानकारी व व्यवस्था होती है कि कौन-सा कार्य किसके द्वारा किया जाएगा।  विभाग के अधिकार,क्षेत्र व कर्तव्य का निर्धारण संविधान द्वारा ही किया जाता है जिसका पालन सभी के लिए अनिवार्य होता है। यदि किसी देश में संविधान न् हो तो व्यक्ति व विभाग को अपने अधिकार व कर्तव्य का ज्ञान नहीं हो सकेगा व वे एक -दूसरे के कामों में अवरोध उत्पन्न करेंगे। हमेशा विवाद की स्थिति निर्मित होगी व अराजकता फैलेगी। देश का विकास रुक जाएगा।

 प्रश्न 6. यदि समाज में कोई कानून न हो तो क्या होगा?

 उत्तर- यदि समाज मे कोई कानून  व नियम न हो तो समाज में अराजकता घर कर जाएगी समाज में किसी से कोई डर नही  डरेगा ।सभी अपने हित मे अनैतिक कार्य करेंगे जिससे  समाज भ्र्ष्टाचार से परिपूर्ण होगा जिसमें रहना दूभर होगा।

प्रश्न 7. राष्ट्रीय एकता को समझाइए ?

उत्तर - राष्ट्रीय एकता - राष्ट्र में एकता का होना बहुत आवश्यकहै एकता होगी तो राष्ट्र मजबूत होगा ।राष्ट्रीय एकता होने पर  कोई भी पड़ोसी राष्ट्र आप पर नजर नहीं डाल सकता । राष्ट्र में एकत्ता रहने  जनता बहुत  शांति पूर्ण जीवन यापन करती है। 

परीक्षोपयोगी अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 1. खाली स्थान भरिए

1. वह समूह जिसे संविधान बनाने का दायित्व सौंपा गया संविधान सभा कहते है ।

2. संविधान सभा को संविधान बनाने में लगभग 3 वर्ष लगे थे।

3. सविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो गया ।

4. संविधान में 14 वर्ष तक को निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान किया गया है । 

5. अधिकारों के हनन पर व्यक्ति  न्यायालय की शरण ले सकता है । 

प्रश्न 2. सत्य / असत्य बताइये

( 1 ) सविधान से हमें बेहतर समाज बनाने की प्रेरणा मिलती है । (सत्य)

( 2 ) संविधान सभा में लगभग 299 सदस्य थे ।(सत्य)

( 3 ) संविधान नियमों का संकलन मात्र है । (असत्य)

( 4 ) 26 जनवरी , सन् 1950 में हमें आजादी मिली थी । (असत्य)

( 5 ) अधिकारों की रक्षा राष्ट्रपति करता है । (असत्य)

( 6 ) भारतीय संविधान ने समाज के सभी वर्गों को समानता का अधिकार दिया है । (सत्य)

( 7 ) सरकार की मनमानी को रोकने का अधिकार किसी के पास नहीं होता । (असत्य)

प्रश्न 3. यदि आपके अधिकारों का कोई हनन करे तो आप क्या करेंगे और क्यों ?

उत्तर- यदि किसी व्यक्ति अथवा संस्था के द्वारा मेरे अधिकार का हनन किया जाता है तो सबसे पहले मैं इसकी सूचना ( रिपोर्ट ) निकट के पुलिस थाना में करूँगा । यदि पुलिस द्वारा किये गए कार्यवाही से मुझे न्याय न मिला तो इस सम्बन्ध में निकट के समक्ष न्यायालय में अपील करूँगा , क्योंकि हमारे अधिकारों के संरक्षण का अधिकार माननीय न्यायपालिका के पास होता है ।

प्रश्न 4. सरकार की मनमानी को न्यायपालिका किस प्रकार रोकती है ? 

उत्तर- भारतीय संविधान में सभी विभागों के कार्यों का उल्लेख किया गया है । इस व्यवस्था का पालन सरकार को भी करना पड़ता है यदि सरकार द्वारा ऐसा कोई कानून बनता है , जो संविधान के नियमों के विपरीत हो तो न्यायपालिका उसे असंवैधानिक करार दे सकती है । इस प्रकार न्यायपालिका सरकार की मनमानी पर अकुंश रखती है ।

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